8 महीने पहले ही केंद्र सरकार को पता चल गया था कि पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की तैयारी हो चुकी है। मार्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक रिपोर्ट संसदीय समिति को सौंपी थी। इसमें साफ कहा गया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का टारगेट पंजाब है और वह आतंकवाद को जिंदा करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। यह रिपोर्ट 19 मार्च को संसद में पेश की गई।
इसमें गृह मंत्रालय के अफसरों ने भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाले संसदीय पैनल को बताया कि सिख युवाओं से आतंकी संगठन इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर कट्टरता का प्रचार कर रहे हैं। ये एक बड़ी चुनौती है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने दस्तावेजों में कहा कि पिछले कई दिनों से पाकिस्तान में भी सिख आतंकी संगठनों की सक्रियता देखी गई है।
आईएसआई अपने ठिकानों पर दे रही ट्रेनिंग
केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हमले कराने के लिए आईएसआई सिख युवकों को अपने ठिकानों में आतंकी ट्रेनिंग दे रही है। कनाडा और अन्य देशों में रह रहे सिखों को भारत के खिलाफ गलत और झूठी जानकारी देकर बरगलाया जा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के ऊपर आईएसआई से दबाव है कि वे न सिर्फ पंजाब बल्कि भारत के अन्य हिस्सों में भी आतंक फैलाएं। इसके लिए पाकिस्तान के सिख आतंकी संगठन कैदियों, बेरोजगारों, क्रिमिनल यहां तक कि तस्करों को भी आतंकी हमले करने के लिए तैयार कर रहे हैं।
इस साल दबोचे कई आतंकी
अब इस रिपोर्ट की सच्चाई दिखाई देने लगी है। पंजाब में इसी साल कई आतंकवादी पकड़े गए और मकसूदां बम धमाके को अंजाम दिया गया। जालंधर में जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों से हथियारों की खेप पकड़ी गई। इतना ही नहीं, आतंकवादियों की तरफ से शराब के ठेकों को आग लगाकर दहशत फैलाने की कोशिश की गई। अब दो दिन पहले रविवार को ही निरंकारी भवन में ग्रेनेड से हमला कर दिया गया जिसमें तीन लोग मारे गए।