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3 नापाक इरादे, जिनसे भारत में आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश में है पाकिस्तान और आईएसआई

Mon, 19 Nov 2018 12:41 PM IST
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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जानिए, वो 3 नापाक पैंतरे, जिनके जरिए दुश्मन देश पाकिस्तान, आईएसआई के साथ मिलकर भारत देश में आतंकवाद को जिंदा करने की कोशिश में है। पहला है, ठंड यानी सर्दी का मौसम। जम्मू कश्मरी में सीमा पर ठंड व बर्फबारी को देखकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की नजर पंजाब बार्डर पर है। आईएसआई ने पंजाब के बार्डर की सीमा में सेंध लगाने की जिम्मेदारी भी पंजाब के आतंकवादी गुट बब्बर खालसा व खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स को सौंपी है।

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अमर उजाला ने दो दिन पहले ही 16 नवंबर के अंक में चेताया था कि आतंकवादी पंजाब सीमा का इस्तेमाल कर वारदात कर सकते हैँ। जिस स्थान पर आतंकी हमला हुआ, वह पंजाब-पाकिस्तान सीमा से महज 10 मिनट की दूरी पर है और 20 किलोमीटर का रास्ता पाकिस्तान बार्डर तक का है। आईबी के आला अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम आईएसआई का नया पैंतरा है। जम्मू-कश्मीर के साथ लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनाव बना हुआ है।

दोनों तरफ से गोलीबारी आम बात हो चुकी है। अब मौसम भी ठंड और  बर्फबारी का आ चुका है। इस कारण पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारत में अपने आतंकवादियों की घुसपैठ करवाना मुश्किल हो गया है। इसलिए उसने अब पंजाब की वह सीमा जो जम्मू-कश्मीर या दूसरी तरफ पाकिस्तान के दरियाई इलाकों के साथ लगती है या नजदीक पड़ती है के रास्ते घुसपैठ करवाने की योजना बनाई है।  

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दरिया के जरिए पंजाब में घुसते हैं आतंकी

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आईबी के सूत्रों के मुताबिक, बारिश के मौसम के बाद रावी दरिया सहित उज्ज दरिया, जलालिया तथा तरनाह दरियाओं का लाभ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी अधिक से अधिक उठाने की कोशिश में है। पाकिस्तान पहले भी दो संगीन वारदात के लिए पंजाब बार्डर का इस्तेमाल कर चुका है, जिसमें पठानकोट एयरबेस पर आंतकवादी हमला और गुरदासपुर में थाने पर पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा कब्जा कर एसपी बलजीत सिंह की हत्या शामिल हैं।

आईबी के सूत्रों के मुताबिक, नीटा कई बार भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर के साथ देखा गया है। नीटा ने अब आईएसआई के आदेश पर कश्मीर में आतंकवादियों को भेजने के लिए पंजाब के रास्ते घुसपैठ करवाने के लिए सीमावर्ती इलाकों का पूरा खाका तैयार किया है। वहीं बब्बर खालसा के वधावा सिंह का पंजाब में अपना बड़ा नेटवर्क है।

आईएसआई ने ही अंसार गजावत तुल हिंद व जैश ए मोहम्मद का टाईअप खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स व बब्बर खालसा के साथ करवाया है। अमर उजाला की तरफ से इसको लेकर चेताया गया था और डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने भी कहा था कि आतंकवादी बब्बर खालसा व जैश मोहम्मद और एजीएच का आपस में तालमेल की सूचनाएं मिली हैं, जिसकी जांच की जा रही है।

रेफरेंडम 20-20 को खड़ा करके पाकिस्तान चल रहा एक पैंतरा

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सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि पंजाब में आतंकवाद जिंदा करने की कोशिश चल रही है, लेकिन भारतीय सेना इसको कामयाब नहीं होने देंगी। इसके बाद से लगातार उनके बयान पर बहस चल रही थी। रविवार की घटना से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पंजाब में आतंकवाद को जिंदा करने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी हर नया पैंतरा आजमा रही है। जहां जैश-ए-मोहम्मद, अंसार गजवा तुल हिंद और बब्बर खालसा के बीच तालमेल बैठाया गया है।

वहीं रेफरेंडम 20-20 को खड़ा कर पंजाब के युवाओं को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। रेफरेंडम 20-20 की वेबसाइट भी आईएसआई के मॉड्यूल से जुड़ी है। साथ ही इस वेबसाइट पर रेफरेंडम 20-20 से जुड़ने वाले युवाओं का डाटा इकट्ठा करके भविष्य में उन्हें अपना एजेंट और स्लीपर सेल में बदलने की कोशिश भी आईएसआई की ओर से की जाएगी। रविवार की घटना में भी केंद्रीय और प्रदेश एजेंसियों ने अपना वर्क शुरू कर दिया है।

रेफरेंडम 20-20 खालिस्तान समर्थक गुरुपतवंत सिंह पन्नू का आइडिया

भारत-पाकिस्तान
रेफरेंडम 20-20 मुहिम न्यूयार्क में रहने वाले सिख फॉर जस्टिस के लीगल एडवाइजर और खालिस्तान समर्थक गुरुपतवंत सिंह पन्नू का आइडिया है। आईबी के अधिकारियों के मुताबिक, 2015 में सिख फॉर जस्टिस के रेफरेंडम 20-20 मुहिम के बारे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भनक लगी और उसके बाद आईएसआई ने खालिस्तान समर्थक मुहिम को कामयाब करने के लिए अपना ऑपरेशन एक्सप्रेस लांच कर दिया।

बताते हैं कि रेफरेंडम 20-20 को कामयाब करने के लिए खालिस्तान समर्थक पाकिस्तान से सक्रिय दयाल सिंह रिसर्च एंड कल्चरल फोरम को आगे किया, जिसने रेफरेंडम 20-20 को लेकर पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों पर आने वाले भारतीय सिखों के बीच में खालिस्तान और रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में पर्चे और साहित्य बांटना शुरू किया।

कोशिश की जा रही है कि अपने प्रोजेक्ट ‘एक्सप्रेस’ के जरिए सिखों को एक कॉमन प्लेटफार्म पर लाकर अलग सिख राष्ट्र बनाने के लिए सिख रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाया जाए और भारत के खिलाफ माहौल बनवाकर उसके बाद अपनी इस मांग को खालिस्तान समर्थक सिख यूएन के सामने रखा जाए।

टोरंटो में बुलाई गई रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में कांफ्रेंस

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कनाडा में रह रहा पाकिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर और पाकिस्तान और इंग्लैंड से सक्रिय खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा अब खुलकर रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में हैं और 31 मार्च 2018 को सिख फॉर जस्टिस की तरफ से कनाडा के टोरंटो में बुलाई गई रेफरेंडम 20-20 के समर्थन के लिए की गई कांफ्रेंस में ये दोनों मुख्य वक्ता थे।

6 जून को लंदन में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में इंग्लैंड में रहने वाले बब्बर खालसा के खालिस्तानी आतंकी जोगा सिंह ने भी गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ शामिल होकर रेफरेंडम 20-20 के एजेंडे को अपना समर्थन दिया। रेफरेंडम 20-20 के जरिए पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश में आईएसआई और विदेशों में बैठे खालिस्तान समर्थक काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं।

केंद्रीय एजेंसियों ने हाल ही में एक रिपोर्ट फाइल की है, जिसमें बताया है कि रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाने के लिए अब एक नए आतंकी का नाम भी सामने आया है। अमेरिका में रहने वाले राणा सिंह सोशल मीडिया पर रेफरेंडम 20-20 के समर्थन में कैंपेन चला रहा है और वीडियो बनाकर पंजाब में सिखों को कुछ धमाका करने को उकसा रहा है।
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ऐसे फैल रहा आतंकवाद का जाल

भारत, पाकिस्तान
- 13 जून 2014 को न्यूयार्क स्थित खालिस्तान समर्थित सिख फॉर जस्टिस ने रेफरेंडम 20-20 मुहिम के समर्थन में पहली रैली की।
- 27 जुलाई 2015 को आतंकियों ने गुरदासपुर में एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया।
- 2 जनवरी 2016 को आतंकवादियों ने पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना के बेस पर हमला किया।
- 26 जनवरी 2018 को पुलिस एनकाउंटर में ढेर गैंगस्टर विक्की गौंडर को लेकर भी खुफिया जानकारी मिली कि वह रेफरेंडम 20-20 के सफल बनाने के मुहिम में था।
- 12 अगस्त 2018 को सिख फॉर जस्टिस ने लंदन के ट्रैफलगर स्कवायर में रेफरेंडम 20-20 को कामयाब बनाने के लिए रैली की।
- 15 सितंबर 2018 को जालंधर के मकसूदां थाने में चार धमाके हुए।
- 10 अक्तूबर 2018 को पंजाब पुलिस व जम्मू कश्मीर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में जालंधर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से तीन कश्मीरी छात्र गिरफ्तार हुए।
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