तहसील अजनाला के शहीदी कुएं में अंग्रेजों द्वारा दफन किए गए 1857 स्वतंत्रता संग्राम के 282 सैनिकों की अस्थियां निकालने का काम रविवार दोपहर को पूरा कर लिया गया। करीब 20 फुट गहरे कुएं को 14 फुट तक खोदकर दोपहर 2.12 बजे सभी 282 सैनिकों की अस्थियां निकाल ली गईं। इस कुएं के बारे में शोध करके खुदाई कराने वाले इतिहासकार व शोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ ने यह जानकारी दी।
45 सैनिकों को जिंदा ही दफन कर दिया गया था
सुरिंदर कोछड़ और गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने बताया कि कुएं में एक-दूसरे से सटे जो अंतिम 26 कंकाल निकाले गए हैं, उनकी सिर्फ खोपड़ियां ही बची हैं। उन्होंने कहा कि खुदाई से उस समय के घटनाक्रम के बारे में कई नए ऐतिहासिक तथ्य सामने आ गए हैं, जिनके बारे में अब तक इतिहास की किसी पुस्तक में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि कुएं में 237 सैनिकों को बेरहमी से हत्या करके फेंका गया था जबकि 45 सैनिकों को जिंदा ही दफन कर दिया गया था।
शहीदी कुएं की खुदाई में क्या-क्या मिला जानिए
इतिहासकार व शोधकर्ता ने बताया कि खुदाई में करीब 90 खोपड़ियां, 170 से ज्यादा साबुत जबड़े, 5000 से ज्यादा दांत, ब्रिटिश इंडिया कंपनी के एक-एक रुपये के 70 सिक्के, सोने के छह मोती, सोने के तीन तावीज, छह अंगूठियां, चार कड़े और दो विक्टोरिया सेना मैडल व कुछ अन्य सामान मिला है। उन्होंने कहा कि सारे सामान को इस स्थान पर बनाए जाने वाले स्मारक के म्यूजियम के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
शहीदी कुएं को लेकर राजनीति नहीं
शहीदांवाला खूह कमेटी के महासचिव काबल सिंह ने कहा कि इस शहीदी कुएं को लेकर किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संस्था या व्यक्ति विशेष को राजनीति नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया, जिस में यह कहा गया था कि पहले भी अंग्रेज इस कुएं के बारे में शोध कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अजनाला में इस कुएं के होने की पुष्टि और उसमें दफन शहीदों की अस्थियां निकालने तथा शहीदों के नाम से ‘काला’ शब्द हटाने की मांग पहली बार अमृतसर और स्थानीय ग्रामीणों ने ही की थी।
पंजाब सरकार अजनाला में बनाएगी भव्य स्मारक
गुरुद्वारा शहीदगंज-शहीदांवाला खूह कमेटी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह सरकारिया ने बताया कि शहीदों की अस्थियां को कुएं से बाहर निकालने के लिए रखे समागम के तीसरे दिन रविवार को अजनाला के एसडीएम सुरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने विश्वास दिलाया कि पंजाब सरकार जल्द से जल्द इस स्थान पर एक भव्य स्मारक का निर्माण कराने के साथ ही अजनाला में शहीदों का समाधि स्थल बनाएगी। उन्होंने बताया कि कुएं से निकाली गईं अस्थियों और उनकी निशानियों को सुरक्षित रख लिया गया है। कुछ जरूरी जांच के बाद अस्थियों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।