इसी दौरान उसके संबंध आईएसआई के कुछ एजेंटों के साथ भी हुए। जांच के दौरान कलसी से 20 मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। इनमें से बहुत से नंबर आईएसआई एजेंटों के भी हैं।
कलसी ने वैकूंवर में भी पाकिस्तान के महावणिज्य दूतावास को भारत के खिलाफ वहां के कुछ खालिस्तानी नेताओं के साथ मिल कर ज्ञापन सौंपा था। एजेंसियों का मानना है कि कलसी ही वह व्यक्ति है, जिसने अमृतपाल को दीप सिद्धू की मौत के बाद वारिस पंजाब दे का प्रमुख बनने और भारत में प्लांट करने में मुख्य भूमिका निभाई थी।
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अमृतपाल का संपर्क आईएसआई के लोगों से करवाया
कलसी ने ही अमृतपाल का संपर्क आईएसआई के लोगों के साथ करवाया था। यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में शरण लेकर बैठे कई खालिस्तान समर्थकों की भी कलसी के साथ निकटता है। एजेंसियां खंगाल रही हैं कि कलसी की फिल्मों में कितनी ड्रग मनी का उपयोग हुआ है।