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बड़ी राहतः अब अमृत फार्मेसी में भी मिलेगा स्टेंट, वो भी इस कीमत पर

Wed, 23 Nov 2016 01:37 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दिल की बीमारी
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लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर। चंडीगढ़ में अब अमृत फार्मेसी में भी कार्डियोवस्कुलर स्टेंट मिलेगा। अभी तक स्टेंट कंपनियों के रिप्रजेंटेटिव (प्रतिनिधि) सीधे तौर कार्डियोलाजी में आकर मरीज को बेचते थे।
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इससे मरीज को दाम के बारे में सही जानकारी नहीं मिलती थी और एक असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। कंपनियों के प्रतिनिधियों की ओर से जो रेट बताए जाते थे मरीजों को उतने ही रुपये देने पड़ते थे, लेकिन इसमें फिलहाल लगाम कस दी गई है।

अब स्टेंट कार्डियोलाजी में स्थित अमृत फार्मेसी की दुकान से मिलेगा। अमृत फार्मेसी की ओर से बताया गया है कि उनके पास स्टेंट अब मात्र 2,3600 रुपये में मिलेगा। इसमें टैक्स भी जोड़ा गया है। पूरे कार्डियोलाजी में जगह-जगह रेट लिस्ट भी लगा दी जाएगी, ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न आए।
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ये था विवाद

दिल की बीमारी
पीजीआई में अभी तक स्टेंट कंपनियां मरीज को सीधे देतीं थीं। छह अगस्त को कार्डियोलाजी में अमृत फार्मेसी का उद्घाटन किया गया। इसमें स्टेंट मिलने की बात हुई थी, लेकिन अमृत फार्मेसी के पास स्टेंट नहीं पहुंच पाए।

अमृत फार्मेसी की ओर से आरोप लगाया गया कि कंपनियों ने उन्हें स्टेंट नहीं दिए, जिसकी वजह से वह बेच नहीं पा रहे। बाद में अमृत फार्मेसी ने कटक स्थित अपने स्टोर से स्टेंट मंगवा लिए थे।

स्टेंट आने के बाद कार्डियोलाजी के एचओडी डॉ. यशपाल शर्मा ने कंपनियों के प्रतिनिधियों की एंट्री बैन कर दी है। इस फैसले का कार्डियोलाजी के प्रोफेसर राजेश विजयवर्गीय ने विरोध जताया और कंपनियों को अंदर आने दिया।

उन्होंने दलील दी कि अमृत फार्मेसी के पास यूएस एफडीए अप्रूर्व स्टेंट नहीं है। उनकी इस दलील को प्रोफेसर यशपाल ने यह कहते हुए खारिज कर दी कि आज तक ऐसी कोई स्टडी नहीं आई, जो इस बात को पुख्ता करे कि यूएस एफडीए वाले स्टेंट सबसे बेहतर होते हैं।
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पीजीआई प्रशासन ने दिया दखल

पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
विवाद बढ़ने और मीडिया में मामला आने के बाद पीजीआई प्रशासन ने इस मामले में दखल दिया। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधियों और अमृत फार्मेसी के अधिकारियों को बुलाया और इस पूरे मामले में चर्चा की।

बाद में फैसला लिया गया कि कार्डियोलाजी में स्टेंट और अन्य सामान अमृत फार्मेसी के जरिए बेचा जाएगा। कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वह सात दिन के भीतर एचएलएल के साथ मीटिंग कर अपने सभी प्रोडक्ट लिस्ट, आथराइज लेटर, रेट लिस्ट और आर्डर कापी दें।
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