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अकाली सरकार में रहे इस मंत्री पर कैप्टन सरकार मेहरबान, उठाया बड़ा कदम

Tue, 21 Mar 2017 09:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो,चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
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कैप्टन सरकार एक्‍शन मोड में भले ही दिख रही है। लेकिन अपनी विरोधी पार्टी अकाली दल के नेता के लिए कुछ ऐसा करने जा रही है। जिसे सुनकर आप सरकार की इस मेहरबानी को समझ नहीं पाएंगे। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अकाली सरकार में मंत्री का बचारहे तोता सिंह पर सरकार नरम दिखाई पड़ रही है।
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पंजाब सरकार की ओर से अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने एडवोकेट पीएस आहलुवालिया को अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। केस की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

सरकार की अपील में कहा गया है कि तोता सिंह को इस केस में गलत तरीके से फंसाया गया है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था, लिहाजा तोता सिंह के खिलाफ केस वापस लिया जाना चाहिए। तोता सिंह के खिलाफ बतौर शिक्षा मंत्री रहते सरकारी वाहन और टेलीफोन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। 
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इसलिए सरकार कर रही मेहरबानी

तोता सिंह। - फोटो : file photo
इसी मामले में मोहाली ट्रायल कोर्ट ने पांच मई 2012 को अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें दोषी करार दिया था और उन्हें एक वर्ष कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बाद में तोता सिंह ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। 

17 मई 2012 को हाईकोर्ट ने तोता सिंह को राहत देते हुए उनके खिलाफ सुनाई गई सजा को हाईकोर्ट में दायर अपील के अंतिम फैसले तक निलंबित कर दिया था। सजा के बाद तोता सिंह ने पद से त्यागपत्र दे दिया था। बाद में सरकार ने उन्हें फिर कृषि मंत्री के पद पर नियुक्त किया। पंजाब सरकार ने अपील में कहा है की इस केस में तोता सिंह के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। इस केस के 17 गवाहों में से किसी एक ने भी तोता सिंह के खिलाफ गवाही नहीं दी थी। केस के पुरे रिकॉर्ड के अनुसार एक भी ऐसा सबूत नहीं मिला, जिसके तहत यह साबित हो सके कि मामले में तोता सिंह की भूमिका हो। 
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