अंबाला-चंडीगढ हाईवे स्थित गांव जनेतपुर के पर अमोनिया गैस से भरा कैंटर पलट जाने से अफरा-तफरी मच गई। कैंटर को सीधा करने में करीब चार घंटे लगे। इस दौरान मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। कैंटर चालक ने रिसाव हो रही गैस वाली जगह पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) लगाकर ऊपर से गीली चादर लपेट कर काफी हद तक रिसाव पर काबू किया।
टैंकर चालक करनैल सिंह ने बताया कि लिक्विड अमोनिया गैस से भरे तीन कैंटर यूपी के शाहजहांपुर से डेराबस्सी इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट स्थित डी-4 अमोनिया गैस सप्लाई करने वाली कंपनी में आ रहे थे। उसका कैंटर सबसे आगे चल रहा था। जैसे ही वह बुधवार सुबह दप्पर टोल प्लाजा पार कर गांव जनेतपुर मोड़ के पास पहुंच तो एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक कर रहे थे। इस दौरान एक कार अचानक सामने से आ गई।
कार को बचाने के लिए उसने जोरदार ब्रेक लगाया। इससे कैंटर डिवाइडर की ओर हो गया। इस कारण कैंटर पलट गया। हादसे में कैंटर और इंजन वाला भाग अलग हो गया। गनीमत रही कि कैंटर चालक करनैल सिंह व क्लीनर बाल-बाल बच गए। अमोनिया गैस कंपनी डेराबस्सी के मालिक राकेश भार्गव ने बताया कि उनकी कंपनी अमोनिया गैस सप्लाई करती है।