पंजाब के लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। शहरी इलाके में रह रहे लोगों को अब अपने मकान का नक्शा पास करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों और अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सीएम भगवंत मान ने पंजाब म्युनिसिपल बिल्डिंग बायलाज-2018 में जो संशोधन किए हैं। उसके मुताबिक 500 वर्ग गज तक के रिहायशी मकान या खाली पड़े प्लाट पर बनने वाली इमारत का नक्शा स्व तस्दीक किया जाएगा। यह स्व तस्दीकी आर्किटेक्ट द्वारा की जाएगी।
इसमें ध्यान देने योग्य यह है कि लोगों को 500 वर्ग गज तक के रिहायशी मकान का नक्शा केवल उसी आर्किटेक्ट से स्व तस्दीक करवाना होगा, जोकि स्थानीय नगरपालिका प्राधिकारी से पंजीकृत, मान्यता प्राप्त या फिर इम्पैनलड हो।
गलत नक्शा जमा कराने पर आर्किटेक्ट पर होगी कार्रवाई, जुर्माना का भी प्रावधान
अगर आर्किटेक्ट रिहायशी इमारत का गलत नक्शा या बिल्डिंग प्लान देता है तो उस पर संबंधित अथॉरिटी कार्रवाई कर सकती है। या नक्शा पास कराने के बाद रिहायशी इमारत में चेकिंग के दौरान किसी प्रकार की कोई खामी नजर आती है तो उस पर आर्किटेक्ट से पूछताछ हो सकती है। यहां तक की इसके लिए आर्किटेक्ट पर जुर्माना भी लग सकता है।
संशोधन नियम के तहत आवेदक के तौर पर इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट को ये दस्तावेज देने जरूरी
- एप्लिकेशन के साथ आर्किटेक्ट को सेल्फ सर्टिफिकेशन स्कीम का प्रमाण जोकि स्थानीय नगरपालिका या संबंधित अथॉरिटी से मान्यता प्राप्त हो।
-प्लॉट मालिक द्वारा इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट के रूप में नियुक्ति का प्रमाण पत्र, जोकि सत्यापित करता होकि उसके द्वारा सेल्फ सर्टिफिकेशन स्कीम के अंतर्गत मंजूरी दी है। इसके साथ ही निर्माण उसकी निगरानी में हुआ हो।
- इमारत के नक्शे की जांच रिपोर्ट, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क/कर आदि की रिपोर्ट।
- आवेदक को स्व तस्दीक किए हुए नक्शे के चार अलग-अलग कॉपी जमा करानी होगी।
- रिहायशी इमारत के निर्माण के समय भू-मालिक को इम्पैनल्ट आर्किटेक्ट का नाम और बिल्डिंग एप्लिकेशन नंबर साइट पर स्पष्ट करना होगा।
- नए रिहायशी इमारत के निर्माण के समय आर्किटेक्ट को अलग-अलग स्तर पर स्व तस्दीक सर्टिफिकेट या कागजी प्रमाण देने होंगे। इनमें खुदाई, डीपीसी, रूफ लेवल यानी छत पड़ते समय और कंप्लिशन यानी पूरे निर्माण के नक्शा सहित दस्तावेज देने होंगे। इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि आर्किटेक्ट को या भू-मालिक को डीपीसी रिपोर्ट के बाद 15 दिन का इंतजार करना होगा।
संशोधित नियम में ध्यान देने वाली बातें
- रिहायशी इमारत के निर्माण या इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट को अगर भू-मालिक बदलता है उसकी जानकारी संबंधित अथॉरिटी को देनी होगी।
- नए आर्किटेक्ट को नियुक्त करने से पहले 7 दिन के भीतर रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए यह जानकारी प्राधिकारी को देनी होगी।
- अगर भू-मालिक यह जानकारी नहीं देता है तो इसकी जिम्मेदारी नए आर्किटेक्ट की होगी।