पीजीआई में एंबुलेंस के नाम पर ओवर चार्जिंग और दुर्व्यवहार का मामला फिर सामने आया है। हिमाचल और सारंगपुर से आए दो मरीजों के परिजनों ने एंबुलेंस संचालकों पर गुंडागर्दी, ओवर चार्जिंग की शिकायत पीयू प्रशासन से की है। इसके बाद पीजीआई प्रशासन की ओर से पुलिस व यूटी प्रशासन को पत्र लिखा है। एक तरफ चौकी पुलिस इस मामले की जांच में लगी है जबकि दूसरी ओर 11 महीने पहले हुए एंबुलेंस स्कैम में शामिल दूसरे आरोपी संचालक की तलाश भी पुलिस कर रही है।
पीजीआई के सिक्योरिटी विभाग की ओर से पुलिस को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अवैध वसूली करने, मरीजों के परिजनों के साथ अवैधानिक तरीके से धक्काशाही करने वाले प्राइवेट एंबुलेंस संचालक दोबारा से परिसर में सक्रिय होने लगे है। पुलिस अपने स्तर पर इस मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों के अनुसार पीजीआई की ओर से अलग-अलग तारीख में आई हिमाचल निवासी पीड़ित परिजन व सारंगपुर निवासी पीड़ित परिजनों के मामले का जिक्र किया गया है। जिसमें एंबुलेंस संचालकों ने हिमाचल निवासी परिजनों को शव लेकर जाने में दोगुना चार्ज मांग रहे थे।
पुलिस के पास भी पहुंचा था हिमाचल के पीड़ितों का मामला
पीजीआई चौकी पुलिस के अनुसार मार्च में हिमाचल से आए पीड़ित परिजनों ने पुलिस चौकी में शिकायत दी। उनका आरोप था कि उन्हें अपने परिवार के मृत सदस्य का शव लेकर जाना था जिसके लिए उसके छोटे भाई ने परिसर में खड़े एक प्राइवेट एंबुलेंस चालक से बातचीत की। इसी बीच हिमाचल जाने वाली एक एंबुलेंस के चालक ने मरीज को ट्रामा सेंटर में छोड़ा और उन्हीं परिजनों के पास आकर रुके। इसी बीच परिवार के एक सदस्य से बातचीत में हिमाचल के एंबुलेंस चालक ने कहा कि उसको दोबारा से हिमाचल जाना है तो आप आधे पैसे में ही चले सकते है। पीड़ित परिवार द्वारा लोकल एंबुलेंस चालक को मना करने के बाद वह गुस्से में मारपीट पर उतारू हो गया। परिजनों का आरोप था कि एंबुलेंस चालक ने कहा जाओ चाहे मत जाओ किराया वह पूरा लेगा। इसके बाद सूचना पाकर पुलिस के पहुंचने के बाद प्राइवेट एंबुलेंस चालक समझौता कर वहां से निकल गया। इस मामले में पीड़ित परिजनों ने लिखकर पुलिस को सौंपा कि वह इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते है।