फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

GMCH में मरीजों को ठगने वाला एंबुलेंस गैंग एक्टिव, ऐसे उठाते हैं मजबूरी का फायदा

Wed, 08 Mar 2017 09:22 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
जीएमसीएच 32 अस्पताल - फोटो : File photo
विज्ञापन
सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल (जीएमसीएच) में मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे ज्यादा रुपये वसूलने वाला एंबुलेंस का गैंग एक्टिव हो गया है। एंबुलेंस चालक मरीजों और लाश को घर पहुंचाने के लिए वाजिब दाम से दोगुना वसूल रहे हैं। मगर जीएमसीएच-32 प्रबंधन इन्हें रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। इसका फायदा उठाकर एंबुलेंस संचालकों ने अंदर तक नेटवर्क बना लिया है।
विज्ञापन


प्राइवेट एंबुलेंस चलाने वाले गैंग के गुर्गों की अस्पताल के कर्मचारियों से सेटिंग है। जैसे ही किसी मरीज को छुट़्टी मिलती है या फिर किसी की मौत होती है तो तुरंत गुर्गों के पास खबर पहुंच जाती है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस संचालक मरीज के पास पहुंच जाते हैं और मोल-भाव शुरू कर देते हैं। इनके कई सदस्य इमरजेंसी के बाहर भी बैठे रहते हैं।

सहारनपुर के ले लिए 4500 रुपये
चंडीगढ़ के रहने वाले सलीम ने बताया कि उनके पिता की मौत हो गई थी। शव को सहारनपुर के गांव ले जाना था। जीएमसीएच 32 से एंबुलेंस की। करीब 150 किमी का दो से ढाई हजार रुपये किराया लगना था। इसके बावजूद एंबुलेंस संचालक ने उनसे 4500 रुपये वसूल लिए। यही नहीं अंबाला से आगे उन्होंने दूसरी गाड़ी में शव को रख दिया। बाद में पता चला कि उन्होंने आगे किसी दूसरी ट्रांसपोर्टर को ट्रिप बेच दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहीं पीजीआई की तरह न हो जाए

- फोटो : File Photo
दस दिन पहले हो चुका झगड़ा
दस दिन पहले भी प्राइवेट एंबुलेंस चलाने वालों का टैक्सी स्टैंड वालों से झगड़ा भी हुआ था। झगड़े की वजह मरीजों को ही ले जाना था। हालांकि इस मामले की शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है।

कहीं पीजीआई की तरह न हो जाए
जीएमसीएच-32 प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई सख्ती नहीं बरती जा रही। जबकि इसी तरह से पीजीआई में भी झगड़ा बढ़ा था। उसके बाद नौबत फायरिंग तक पहुंच गई थी। पीजीआई में मामला उजागर होने के बाद कुछ दिन तो प्राइवेट एंबुलेंस की एंट्री पर रोक लगाई गई थी, लेकिन बाद में ये फिर शुरू हो गईं हैं।

अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस के आने की कोई अनुमति नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो इस पर सख्ती बरती जाएगी।
प्रो. अतुल सचदेवा, डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल जीएमसीएच 32
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें