अंबाला कैट में लगे कैंप में ऑपरेशन के बाद 15 रोगियों की आंखें खराब होने के मामले का असली सच सामने आ गया है। जिला स्वास्थ्य महकमे ने रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय और डायरेक्टर जनरल हेल्थ को भेज दी है।
रिपोर्ट में विभाग ने सर्व कल्याण आई चैरिटेबल अस्पताल की कारगुजारियों पर सवाल खड़े करते हुए पूरे प्रक्ररण में डाक्टरों और सोसयटी द्वारा भारी लापरवाही बरते जाने की बात कहते हुए आगामी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
उधर, इस मामले में विभाग द्वारा अस्पताल से लिए गए स्वैब की जांच रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि ये अस्पताल आंखों के ऑपरेशन के लिए कितना हाईजैनिक था।
महेशनगर पुलिस जिला स्वास्थ्य महकमे की शिकायत पर आई सर्जन डाक्टर चरणजीत सिंह और सर्वकल्याण सेवा सोसायटी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कर रही है, लेकिन इस मामले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चैरिटेबल अस्पताल के नाम पर लोगों से हजारों रुपये ऐंठे
जांच के दौरान पता चला है कि आई अस्पताल को नाम तो चैरिटेबल आई अस्पताल दिया गया, लेकिन यहां ऑपरेशन करने के 6500 से 8500 रुपये लिए जाते थे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुकान में बने अस्पताल में जिस जगह पर ऑपररेशन किया जाता था, वो माहौल आई सर्जरी के अनुकूल नहीं था।
अस्पताल में आई सर्जरी को लेकर जो मेडिकल स्टैंडर्ड है, उनकी पालना भी नहीं की जा रही थी। ऑपरेशन थिएटर और जिस जगह गंदे और धूल भरे गद्दों वाले बैडों पर मरीजों को लेटाकर आई ट्रीटमेंट किया जाता था, वो आंखों की सर्जरी के अनुकूल नहीं थी।
स्वास्थ्य महकमे ने जांच रिपोर्ट डीजी हेल्थ को भेज दी है। उनके माध्यम से ही रिपोर्ट आगे जाएगी। चैरिटेबल अस्पताल में जिस तरह से आंखों के ऑपरेशन किए गए, वे लापरवाही भरे थे।
- डाक्टर विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर