बेटियों की शिक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने की ओर ‘अमर उजाला’ ने एक और कदम बढ़ाया है। समाज का नजरिया बदलने के लिए ‘मेरी सफलता की कहानी’ से यह अनूठी पहल की है।
‘अमर उजाला’ ऐसी बेटियों की सफलता की कहानी को समाज के उस कोने तक पहुंचाने की कोशिश करेगा, जहां अभी भी बेटी के प्रति नजरिया बदलने की जरूरत है।
आप चाहे स्कूल में पढ़ रही हों या फिर कॉलेज में। हमें बताइए कि किस तरह शिक्षा ने आपका जीवन बदल दिया। किस तरह आपकी अपनी सोच बदली, किस तरह लोगों का आपको देखने का नजरिया बदला और किस तरह आपके प्रति परिवार और समाज का नजरिया बदला। अगर आपको शिक्षा में परेशानी आई और आपने इसके लिए संघर्ष किया तो उसका जिक्र भी जरूर कीजिए।
क्या करना है आपको
आप अपनी एंट्री 18 अप्रैल तक भेज सकती हैं। केवल 700 शब्दों में अपनी कहानी बताइए। अगर आपकी उपलब्धियों का कोई ब्योरा हो तो उसकी सूची भी साथ भेज दीजिए।
यहां भेजें प्रविष्टि
‘’मेरी सफलता की कहानी’ लिखकर अमर उजाला, एससीओ 34-37 सेक्टर 9-डी चंडीगढ़ में भेजें। छात्राएं साथ में अमर उजाला में प्रकाशित कूपन, स्कूल-कॉलेज के परिचय पत्र की कॉपी लगाना न भूलें। ‘अमर उजाला’ दस विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी करेगा। विशिष्ट समारोह में प्रमाण पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे।