महाराष्ट्र के पुलगांव आयुध डिपो में जो हादसा हुआ, उससे रक्षा मंत्रालय पूरी तरह से सकते में है। इसी के चलते देशभर की विभिन्न छावनियों में स्थित आयुध डिपो को और ज्यादा चौकसी व ऐहतियात बरतने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि पुलगांव आयुध डिपो घटना की उच्चस्तरीय जांच चल रही है, उसके बाद ही ये तय हो पाएगा कि ये घटना साजिश थी या लापरवाही युक्त हादसा।
सेना के इस गोलाबारूद को साजिश व लापरवाही के साथ-साथ आज के बदलते पर्यावरण परिवेश में बढ़ रहे तापमान से भी खतरा है। उल्लेखनीय है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से तापमान बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। कई इलाकों में तो ये बहुत ज्यादा है। यह गोला बारूद रखने के गोदामों और डिपो के लिए अनुकूल नहीं है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार इसलिए सभी आयुक्त डिपो में भेजे गए ऐहतियातन निर्देशों में विशेष तौर पर गोला बारूद रखने वाली जगहों का तापमान जरूर मेन्टेन रखने को कहा गया है। इसके लिए बाकायदा तापमान निर्धारित किया गया है। अत्यधिक तापमान की वजह से इन गोला बारूदों की वजह से होने वाली बड़े हादसे की आशंका को भी खत्म किया जा सके। जितने ज्यादा तापमान गोला बारूद रखने वाली जगह पर रहता, उससे खुद ही विस्फोट होने की आशंका बनी रहती है।