जेएंडके सरकार द्वारा अमरनाथ यात्रा रोक दिए जाने के चलते चंडीगढ़ और आसपास से गए श्रद्धालुओं को जम्मू के यात्री निवास में ठहराया गया है।
शिव पार्वती सेवादल की ओर से शुक्रवार को तीन बसों में 165 भक्तों का जत्था अमरनाथ के लिए रवाना हुआ था। इनमें 35 महिलाएं और और चार बच्चे भी शामिल हैं। हिजबुल के कमांडर की मुठभेड़ में मौत के बाद कश्मीर में अलगाववादियों के बंद के आह्वान के चलते जम्मू कश्मीर सरकार ने अमरनाथ यात्रा रोक दी।
इसी वजह से चंडीगढ़ से गए श्रद्धालुओं को जम्मू में ही रुकना पड़ा है। शिव पार्वती सेवादल के सलाहकार राजेंद्र कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ से गए सभी यात्रियों को जम्मू के यात्री निवास में ठहराया गया है। वहां वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। खाने पीने की किसी भी चीज की कमी नहीं हैं। यात्रा खुलने के बाद यात्री अमरनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे। शिव पार्वती सेवादल यात्रियों से संपर्क में है। उन्होंने कहा कि यात्रा रुकने के कारण यात्रियों को लौटने में एक या दो दिनों की देरी हो सकती है। ट्राईसिटी से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 17 बसों में लोग गए हैं। राजेंद्र कुमार ने बताया कि ये सभी भक्त चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला, नयागांव और मुल्लांपुर के रहने वाले हैं।
यात्रा पर गए चंडीगढ़ के मनोज कुमार ने फोन पर बताया कि इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई हैं। यात्री शेल्टर ढूंढ रहे हैं। मामला जल्द शांत हो जाएगा। बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। चंडीगढ़ सेक्टर-19 निवासी अमित गर्ग और बंशी लाल ने बताया कि सरकार द्वारा यात्रियों को जम्मू के यात्री निवासी में ठहराया गया है। यहां सुरक्षा के इंतजाम हैं। उन्होंने कहा कि आर्मी लगाकर यात्रा को आगे बढ़ाना चाहिए। केंद्र सरकार को एक्शन लेना चाहिए।
बालटाल में सभी यात्री सुरक्षित
शिव पार्वती सेवादल के सलाहकार राजेंद्र कुमार का कहना है कि बालटाल में संस्था के शिविर में किसी तरह का कोई परेशानी नहीं है। शिविर में जो यात्री आए हैं। वहां से बाबा बर्फानी के दर्शन में कोई परेशानी नहीं है। दर्शन कर लौटे भक्तों को भी शिविरों में रोका गया है। सभी यात्री शिविर में आराम से हैं।