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3 साल के कार्यकाल से पहले किसी का तबादला नहीं, पढ़िए सरकार की नई तबादला नीति

Wed, 12 Apr 2017 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने वर्ष 2017-18 के लिए राज्य में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति व तबादले संबंधी नई नीति घोषित की है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह तबादले आगामी एक से 31 मई तक किए जाएंगे।
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हालांकि नई नीति में सरकार ने यह व्यवस्था करने का प्रयास किया है कि तबादले कम से कम किए जाएं। जो गजटेड या नॉन गजटेड कर्मचारी अगले दो साल में रिटायर होने वाले हैं, उन्हें नियुक्ति वाले स्थान पर ही रखने का प्रयास किया जाएगा जबकि सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी के मामले में सरकार उन्हें पांच साल तक एक स्टेशन पर रखने की इच्छुक हैं और उसके बाद तबादला नीति तहत उनकी बदली की जा सकती है। उन केसों में भी यही प्रणाली अपनाई जाएगी, लेकिन अविवाहित लड़कियों और विधवाओं को उनकी मर्जी के स्थान पर नियुक्त किया जाएगा। जिन केसों में पति पत्नी सरकारी नौकरी में हो और पति किसी प्राइवेट रोजगार में है, तो उनके केस में भी ऐसी नीति ही अपनाई जाएगी।

प्रवक्ता ने बताया कि दिव्यांग और दृष्टिहीन कर्मचारियों की मुश्किलों को देखते हुए सरकार उन्हें उनकी मर्जी के स्थान पर नियुक्त करने की कोशिश करेगी। ऐसे कर्मचारियों को उनके घर के सबसे करीबी स्टेशन पर नियुक्त किया जाएगा। जिन सरकारी अधिकारियों या कर्मचारियों का कोई बच्चा दिमागी तौर पर विकलांग है, उन कर्मचारियों व अधिकारियों को भी उनकी मर्जी के स्थान पर नियुक्त किया जाएगा।
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पति-पत्नी पांच साल तक एक स्टेशन पर रह सकेंगे

Captain Amarinder Singh - फोटो : अमर उजाला
एक स्थान पर लंबे समय तक नियुक्त रहने वाले कमर्चारी व अधिकारी की अवधि को तीन व पांच वर्ष के रूप में गिनते हुए तबादला किया जाएगा। इसी तरह ग्रुप ए और बी के अफसरों को पूरी सेवा के दौरान किसी एक जिले में सात साल से अधिक समय के लिए नियुक्त नहीं किया जाएगा। विशेष कार्यालयों में जिन सीटों के कर्मचारियों का आम लोगों के साथ अधिक तालमेल होगा, उन कर्मचारियों को दो वर्षों से अधिक समय तक एक सीट पर नहीं रहने दिया जाएगा।

जिन अधिकारी/कर्मचारियों का एक स्थान पर तीन साल का सेवाकाल मुकम्मल नहीं हुआ हो, उनकी बदली केवल किसी शिकायत में सजा के आधार पर या किसी ठोस प्रबंधकीय कारण से ही की जा सकेगी। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों, बेट के क्षेत्र या कंडी क्षेत्र में नियुक्त किया गया हो, वह वहां कम से कम दो वर्ष के लिए नियुक्त रहेंगे। बार्डर एरिया, बेट एरिया और कंडी एरिया में तैनात किए अधिकारी और कर्मचारी कम से कम समय के लिए वहीं रहने चाहिए।

शिक्षा विभाग में तबादलों की नीति साफ्टवेयर तैयार होने के बाद
जिन सरकारी कर्मचारियों/अधिकारियों का कोई बच्चा दिमागी तौर से ठीक न हो, उनकी तैनाती/बदली करते समय उनके साथ हमदर्दी का रवैया रखते हुए उनकी पसंद के स्थान पर तैनात करने का यत्न किया जाएगा, लेकिन यह शर्त शिक्षा विभाग और उच्चतर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी। शिक्षा विभाग और उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों की बदली संबंधी साफ्टवेयर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद तैयार किया जाएगा ताकि साफ्टवेयर के अनुसार ही बदलियां पारदर्शी ढंग से की जा सकें। विद्यार्थियों के हित में, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा और ओद्यौगिक प्रशिक्षण विभाग, डाक्टरी शिक्षा और अनुसंधान विभाग में बदलियां और तैनातियां उनके अधीन संस्थाओं के शैक्षणिक वर्ष को मुख्य रखकर गर्मियों के छुट्टियों के समय दौरान 1 जून से 30 तक लागू की जाएगी।
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तबादला नीति की खास बातें-

तबादला - फोटो : demo pics
तबादला नीति की खास बातें-
- तीन साल के कार्यकाल से पहले किसी का तबादला नहीं
- शिक्षा को छोड़ बाकी तबादले हर साल 1 से 31 मई तक होंगे
- दिव्यांग व दृष्टिहीन कर्मचारी घर के करीब किए जाएंगे तैनात
- अविवाहित युवतियों, विधवाओं को उनकी मर्जी से स्टेशन
- दो साल में रिटायर होने वालों का भी नहीं होगा तबादला
- दिमागी दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को मर्जी का स्थान
- एक जिले में सात साल से अधिक समय तक तैनाती नहीं
- पब्लिक डीलिंग पदों पर दो साल तक ही रह सकेंगे कर्मी
- बार्डर, कंडी, बेट एरिया में दो साल के लिए होगी नियुक्ति
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