अमर उजाला संवाद में मंथन को लेकर पंजाब और चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने अपने सुझाव दिए हैं। लोगों का मानना है कि विकास में भागीदार सभी हितधारकों के सुझाव शामिल करने से पंजाब और चंडीगढ़ की तस्वीर जरूर बदलेगी। लोगों में अमर उजाला संवाद-पंजाब को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
अमर उजाला संवाद-पंजाब की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आगामी 07 अगस्त को चंडीगढ़ के इंडस्टि्यल बिजनेस पार्क स्थित होटल हयात रेजेंसी में उद्योग, शिक्षा, खेल, कृषि, सिनेमा और कला क्षेत्र के माहिर जुटने जा रहे हैं। इस संवाद में आप सब भागीदार बनने जा रहे हैं। पंजाब और चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने मंथन को लेकर अपने सुझाव दिए हैं। लोगों का मानना है कि विकास में भागीदार सभी हितधारकों के सुझाव शामिल करने से पंजाब और चंडीगढ़ की तस्वीर जरूर बदलेगी। लोगों में अमर उजाला संवाद-पंजाब को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
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अमर उजाला सामाजिक सरोकार के साथ ही देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित करता रहा है। मेरा मानना है कि अमर उजाला का संवाद इसी कड़ी में एक ऐसा कार्यक्रम होगा जो प्रदेश के विकास की रूपरेखा को नए आयाम प्रदान करने में सहायक हाेगा। आम जन तक उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे, इस दिशा में मंथन करने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए मेरी तरफ से अमर उजाला को अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं। -प्रो. विवेक लाल, निदेशक पीजीआई
चंडीगढ़ की अपनी खासियत है
चंडीगढ़ अकेला ऐसा शहर है, जिसका खुद का अध्यादेश है। मकानों की ऊंचाई से लेकर हर चीज के लिए सख्त नियम है। ये शहर की खासियत है और यही इसे सिटी ब्यूटीफुल बनाता है। कोई भी नीति बनाने से पहले बुनियादी नींव, कैसे-कैसे विकास हुआ, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों से संवाद जरूरी है। - अजय जग्गा, वकील व सदस्य, एचआईपीसी, यूटी
समय तेजी से बदल रहा है। इस रफ्तार के साथ प्रशासन को भी चलना चाहिए। नीतियां बनाते समय बदलावों को भी उसमें शामिल किया जाना चाहिए। ये लोकतंत्र है। हितधारकों से संवाद जरूरी है। किसी भी नीति को तय करने से पहले जनता के साथ और जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों से भी चर्चा की जानी चाहिए। - नवीन मंगलानी, उद्योगपति
किसी भी राज्य का विकास वहां के व्यापार के विकास पर काफी हद तक निर्भर होता है। ऐसे में जरूरी है कि पंजाब और चंडीगढ़ में व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए वहां के व्यापारियों से मिले फीडबैक के आधार पर नई नीतियां बनाई जाएं। पुराने नियम में मौजूदा हालात के अनुसार बदलाव को भी समावेशित किया जाए। -चरनजीव सिंह, अध्यक्ष चंडीगढ़ व्यापार मंडल
सभी अपनी जिम्मेदारी समझें
चंडीगढ़ शहर पंजाब और हरियाणा का केंद्र है। यहां अवैध रेहड़ी और अनधिकृत वेंडर्स शहर की खूबसूरती को दाग लगा रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि रेहड़ी-फड़ीवालों को सही जगह देकर रोजगार परक बनाया जाना चाहिए। सभी विभाग अपने अपने कार्यों की समीक्षा समय-समय पर करें, ताकि किसी प्रकार की कोई कमी नहीं हो। सभी अपनी जिम्मेदारी समझें तो विकास तेजी से होगा। -सरदार तारा सिंह, चेयरमैन, चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन
सड़कें विकास की रेखाएं हैं। चंडीगढ़ और साथ लगती पंजाब की सड़कों को दुरुस्त करने की आवश्यकता है। सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए कि शहर और राज्य की योजनाएं रोजगार परक हों। यहां के लोगों के लिए रोजगार बड़ी समस्या है। रोजगार के लिए युवा दूसरे देश या बड़े शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। -सत्यम ओझा, संगठन मंत्री, बिहार परिषद चंडीगढ़
चंडीगढ़ को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पंजाब को शिक्षा में बेहतरी की जरूरत : चंडीगढ़ में आमजन के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। यहां लोगों को ट्रांसपोर्ट में काफी समस्या होती है। पंजाब में युवा विदेश जा रहा है, उसे रोकने की जरूरत है। इसके लिए पंजाब में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की जरूरत है। - प्रोफेसर गुरमीत, सिंडीकेट सदस्य, पीयू
अमर उजाला का कॉनक्लेव निश्चित ही पंजाब और चंडीगढ़ की विकास की नई रूपरेखा तय करेगा। ऐसे कार्यक्रम अन्य प्रदेशों के लिए भी नजीर पेश करते हैं। क्योंकि इसमें विकास से जुड़े विविध पहलुओं पर अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ तर्क के साथ जानकारी देते हैं। -राकेश कुमार संगर, श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष
पंजाब और चंडीगढ़ के विकास के लिए ऐसे ही मंच की आवश्यकता है, जिसमें नीतिगत चर्चा हो सके। उम्मीद है अमर उजाला का यह कार्यक्रम इस दिशा में नए मानक तय करेगा। खासतौर पर खेलों के विकास को लेकर ऐसी नीति बनाने की जरूरत है जो खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हो। आज खेल को रोजगार से जोड़ने की जरूरत है। -गुरदेव सिंह, वेटर्न एथलीट एवं अंतरराष्ट्रीय धावक
चंडीगढ़ और पंजाब की विकास में साझेरारी रही है। अगर बात चिकित्सा क्षेत्र की करें तो पीजीआई की कई प्रस्तावित योजनाएं पंजाब से जुड़ीं हैं। पंजाब में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं में बढ़ोतरी होती है तो इसे चंडीगढ़ को भी निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। उम्मीद है अमर उजाला के संवाद में ऐसी नीतिगत बातों पर मंथन होगा। -कुमार गौरव, डीडीए पीजीआई