हरियाणा के आईएएस अधिकारी और चंडीगढ़ के पूर्व डीसी मोहम्मद शाईन के बाद अब एचसीएस अधिकारी की समय से पहले वापसी हो सकती है। चंडीगढ़ में तैनात एचसीएस अधिकारी डीपीआई(स्कूल) कमलेश कुमार भादू को हरियाणा सरकार ने वापस बुलाने के लिए यूटी प्रशासन को चिट्ठी लिखी है।
सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार ने जातिसूचक कमेंट से उपजे विवाद के बाद यह फैसला लिया है। कमलेश कुमार के खिलाफ लगातार चंडीगढ़ और पंजाब में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। यूटी प्रशासन भी अब कमलेश कुमार को अधिक दिन तक रखने के मूड में नहीं है। उनको रिलीव करने के मामले में यूटी प्रशासन जल्द ही आदेश जारी कर सकता है।
जातिसूचक कमेंट के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि कुछ समय पहले डीपीआई (स्कूल) दफ्तर में विशेष समुदाय के लोग एक टीचर की शिकायत लेकर गए थे। विशेष समुदाय के लोगों ने डीपीआई के खिलाफ जातिसूचक कमेंट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
एडवाइजर विजय कुमार देव ने वित्त सचिव सर्वजीत सिंह को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी थी। रिपोर्ट एडवाइजर को सौंप दी गई है। वहीं मामला एससी-एसटी कमीशन तक भी पहुंच चुका है।
एसके सेतिया की विदाई रुकी
हरियाणा सरकार द्वारा एचसीएस कमलेश कुमार और एक अन्य एचसीएस मनदीप कौर को वापस बुलाने के लिए चिट्ठी लिखी गई है। सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार ने यूटी प्रशासन से चिट्ठी में दोनों एचसीएस को तुरंत रिलीव करने की मांग की है।
उधर, दो अधिकारियों के मूल कैडर में जाने से स्पेशल सेक्रेटरी हेल्थ एसके सेतिया की हरियाणा वापसी अभी कुछ दिन रुक सकती है। सेतिया को 19 जून को रिपेट्रिएट करने के पहले ही आदेश जारी हो चुके हैं। नया पैनल आने तक सेतिया को डीपीआई(स्कूल) और डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन(डीपीआर) का अतिरिक्त कार्यभार दिया जा सकता है।