चंडीगढ़ में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अब आयुर्वेद कॉलेज के साथ सेक्टर-48 स्थित 100 बेड के नए हॉस्पिटल में भी इन्हें भर्ती करने की व्यवस्था करने का आदेश दिए हैं। इसके बाद जीएमसीएच-32 के डायरेक्ट प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने शनिवार की सुबह मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रवि गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ सेक्टर-48 के हॉस्पिटल का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की मौजूदा स्थिति देखी और बंद पड़े वार्डों को तत्काल व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
बता दें कि 48 हॉस्पिटल में जीएमसीएच-32 के चार वार्ड के मरीजों को शिफ्ट किया जा रहा था लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पतालों की ओपीडी बंद होने पर उसे भी खाली करा दिया गया था। तब से अस्पताल में ताला बंद था। प्रशासन के निर्देशानुसार, अब कोरोना के मरीजों में मामूली लक्षण पाए जाने पर अब उन्हें पीजीआई में दाखिल नहीं किया जाएगा। उन्हें श्री धन्वंतरी आयुर्वेदिक हॉस्पिटल एंव कालेज के साथ सेक्टर-48 के 100 बेड के अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
इसके तहत श्री धन्वंतरी आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में 40 बेड का कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया है। यहां पर आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार 3 तरह की आयुर्वेदिक दवाओं आयुष 64 टेबलेट और अगस्त हरितिका चटनी के अलावा अनु तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। धन्वंतरि आयुर्वेद कॉलेज के जनरल सेक्रेटरी डॉ. नरेश मित्तल ने बताया कि आयुर्वेद के क्षेत्र में ट्रायल के लिए देशभर में चंडीगढ़ के धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज को चुने गए हैं। पीजीआई से 9 मरीज श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज के कोविड सेंटर में शिफ्ट हो चुके हैं।