फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणाः एन्हांसमेंट की रीकैलकुलेशन पर अड़े आवंटी, रिबेट की योजना नहीं मंजूर

Wed, 07 Nov 2018 02:46 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
हुडा - फोटो : demo
विज्ञापन

हरियाणा में हुडा सेक्टर की एन्हांसमेंट का मामला पेचीदा होता जा रहा है। प्लॉट आवंटी एन्हांसमेंट की री-कैलकुलेशन कराने पर अड़ गए हैं। जबकि, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) एक बार फिर रिबेट की योजना लाया है। पिछली बार सरकार ने एन्हांसमेंट की कुल राशि पर चालीस प्रतिशत छूट दी थी, जबकि साठ फीसदी राशि एकमुश्त जमा कराना जरूरी था।

विज्ञापन


इस बार एन्हांसमेंट में 37.5 फीसदी छूट दी गई है, बाकि राशि एकमुश्त जमा करानी होगी। एन्हांसमेंट से प्रभावित लगभग 90 हजार आवंटियों ने री-कैलकुलेशन के लिए एकजुट होना शुरू कर दिया है। हुडा स्टेट सेक्टर्स कंफेडरेशन के बैनर तले प्रभावित आवंटी लामबंद हो रहे हैं। आंदोलन तेज करने के लिए जनजागरण अभियान छेड़ा गया है। अभी तक पांच जिलों में प्रभावित आवंटित रिबेट की योजना के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं।

 कंफेडरेशन ने आवंटियों को एकजुट करने का काम गुरुग्राम से शुरू किया। इसके बाद फरीदाबाद, बहादुरगढ़, रोहतक और फतेहाबाद में बैठकें हो चुकी हैं। हुडा सेक्टर्स कंफेडरेशन के संयोजक यशवीर मलिक ने कहा कि सरकार को कानून और नियम आधारित री-कैलकुलेशन करानी चाहिए थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मगर, सरकार दोबारा 37.5 प्रतिशत रिबेट की फुल एंड फाइनल सेटलमेंट स्कीम ले आई है। जिससे आवंटियों में रोष है। मलिक ने कहा कि 4 जुलाई 2018 की मीटिंग में सहमति बनी थी कि री-कैलकुलेशन कराई जाएगी। इसे कराते समय हर सेक्टर की एन्हांसमेंट एक चार्टर्ड अकाउंटेंट चेक करेगा, उसके बाद राशि सार्वजनिक की जाएगी।

25 को जींद में रैली के बाद देंगे गिरफ्तारिंयां : मलिक
सरकार के इस वादे से मुकरने पर सभी प्रभावित आवंटियों ने एक ही निर्णय लिया है कि वे इस रिबेट की स्कीम का बहिष्कार करेंगे। 25 नवंबर को जींद में रैली आयोजित कर जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारियां दी जाएंगी। मलिक ने बताया कि दिवाली के बाद प्रदेश के बाकी शहरों में भी बैठकें की जाएंगी।

रिबेट की योजना के बाद री-कैलकुलेशन पर करेंगे विचार
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि सरकार ने आवंटियों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। रिबेट की दूसरी योजना के बाद री-कैलकुलेशन कराने पर भी विचार करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें