आज हाईकोर्ट में नहीं होगा कोई काम, बार एसोसिएशन के आह्वान पर वर्क सस्पेंड रखेंगे वकील। दरअसल एक वकील को फर्जी केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए बार एसोसिएशन ने उसकी गिरफ्तारी के खिलाफ वर्क सस्पेंड रखने का फैसला किया। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक वकील को पुलिस की ओर से फर्जी केस में फंसाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को हाईकोर्ट में वर्क सस्पेंड करने का फैसला किया है।
बार एसोसिएशन के इस फैसले से मंगलवार को ज्यूडीशियल वर्क नहीं हो सकेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह बराड़, उपाध्यक्ष जगजोत सिंह लाली, मानद सचिव सुरिंदर पाल सिंह टिना, संयुक्त सचिव दीपशिखा अरोड़ा और कोषाध्यक्ष भुपिंदर बीर सिंह रंधावा ने एक बयान में कहा है कि सोमवार को बुलाई गई बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि बार के सीनियर सदस्य के खिलाफ पुलिस की ओर से फर्जी केस बनाकर गिरफ्तार करने के खिलाफ मंगलवार 5 जुलाई को वर्क सस्पेंड रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को मोहाली निवासी एक बिजनेसमैन की कार से 15 लाख कैश व 2.6 किलो चरस बरामद होने के मामले में यूटी पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर, हाईकोर्ट के एडवोकेट और लुधियाना के एक बिजनैसमैन को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कहा गया है कि मलोया पुलिस को एक कॉल आई थी कि मारुति सवार एक व्यक्ति अपनी कार में चरस व नकली करेंसी ले जा रहा है।
मलोया थाना पुलिस ने नाका लगाकर आरोपी को कार सहित पकड़ा और गाड़ी की जांच के दौरान उसमें 15 लाख 99 हजार के नकली नोट और 2.6 किलो चरस बरामद हुई। कार चालक की पहचान नया गांव निवासी भगवान सिंह के रूप में हुई, जिसने पुलिस को बताया कि कार मोहाली फेज-3 निवासी सुखबीर सिंह शेरगिल की है। उसने पुलिस को यह भी बताया कि उनके निर्देश पर ही वह पंचकूला से जरूरी कागजात लाने गया था।
इसके बाद पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी को रंजिश के तहत फंसाया गया है। आरोपियों का टारगेट मोहाली निवासी शेरगिल था। बाद में इस जांच के आधार पर पुलिस ने लुधियाना के बिजनैसमैन नरेंदर, यूटी पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर तरसेम राणा और हाईकोर्ट के एडवोकेट जतिन निवासी सेक्टर-15 को गिरफ्तार कर लिया।