सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच के मुलाजिमों ने नकली देसी घी पकड़े जाने के मामले में एफआईआर नहीं दर्ज करने का वादा किया था, इसके साथ भरोसा दिया था कि केस को सेटलमेंट कर दिया जाएगा। पकड़े गए लोगों के मुताबिक इसकी एवज में 3.60 लाख की रिश्वत दी गई थी। बावजूद इसके केस में कार्रवाई की गई। क्राइम ब्रांच ने सैंपल जांच के लिए भेज दिया था, जिसकी रिपोर्ट भी आ चुकी है। बताया गया कि सैंपल में नकली घी मिला है। अब इस मामले में जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अब तक नहीं हुई कार्रवाई
सेक्टर-39 थाना अंतर्गत एक शराब कारोबारी ने आरोप लगाया था कि उसके 8 ठेकों से हर महीने 12 हजार के हिसाब से क्राइम ब्रांच के मुलाजिम 96 हजार रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। शिकायत में अवैध वसूली करने के दौरान मुलाजिमों का एक वीडियो भी सामने आया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच में तैनात हवलदार पवन और अनिल का नाम सामने सामने आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साउथ एएसपी श्रुति अरोड़ा ने 29 नवंबर को क्राइम ब्रांच के मुलाजिम पर मामला दर्ज किया था। वहीं, घटना के एक हफ्ते बाद भी पुलिस ने इनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
क्राइम ब्रांच के मुलाजिमों के खिलाफ उनके पास शिकायत आई है। मामले की छानबीन की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - केतन बंसल, एसपी यूटी।