फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लग्जरी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों पर पहुंच रहे किसान, तीन दिन में पंजाब से पहुंचे साढ़े तीन हजार वाहन

Sun, 06 Dec 2020 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
विज्ञापन
सिंघु बॉर्डर पर जुटे किसान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नेशनल हाईवे-44 पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। इस आंदोलन में शामिल होने वाले किसानों संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है। किसान लगातार पंजाब से पहुंचकर किसानों को समर्थन दे रहे हैं। किसान लग्जरी गाड़ियों, खुली जीप व दुपहिया वाहनों के साथ ही ट्रैक्टर ट्रालियों में धरनास्थल पर जुट रहे हैं। किसानों के मंच से तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के साथ ही अन्य मुद्दे भी उठ रहे हैं।

विज्ञापन


कुंडली बॉर्डर के धरनास्थल पर किसानों का पहुंचना लगातार जारी है। किसान ट्रैक्टर-ट्राली ही नहीं बल्कि लग्जरी गाड़ियों के साथ ही खुली जीप भी लेकर पहुंच रहे हैं। तीन दिन के अंदर साढ़े तीन हजार से ज्यादा वाहन पहुंचे हैं। जिसमें 3 दिसंबर को 1700 तो 4 दिसंबर को 800 से ज्यादा वाहन कुंडली पहुंचे। इसके साथ ही राशन लाने व बीमार व महिलाओं को वापस ले जाने के लिए 200 से ज्यादा टैक्टर-ट्रालियों को पंजाब वापस भेजा गया।

किसानों ने बताया कि जो ट्रैक्टर-ट्रालियां वापसी कर रहे हैं, उनमें बीमार बुजुर्ग या महिलाएं ज्यादा हैं। किसानों का कहना है कि पंजाब में गांवों में सभी की ड्यूटी लगाई गई है। बारी-बारी से किसान पहुंचकर धरनास्थल पर आंदोलन कर रहे हैं।

विज्ञापन

कुंडली बॉर्डर पर ठहरे किसानों के पास खाने-पीने के सामान को लगातार भेजा जा रहा है। किसान न केवल खुद के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं बल्कि राहगीरों को भी भोजन खिला रहे हैं। यहां लंगर पूरा दिन चलता है। हरियाणा के आसपास के गांवों से सब्जी, दाल, आटा व चावल तो पहुंच ही रहा है साथ ही पंजाब से भी गाड़ियों में भरकर राशन पहुंचाया जा रहा है।

लंगर में सभी का पेट भर रहे किसान
किसानों के पास सब्जियों, फलों व अन्य खाद्य सामग्री के ढेर लग गए हैं। ऐसे में किसानों ने खुद के साथ-साथ दूसरों का भी पेट भरना शुरू कर दिया है। यहां कदम-कदम पर लगे लंगर में जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं व आसपास की फैक्टरियों में काम कर रहे मजदूरों को भोजन करवाया जा रहा है।

वहीं, हरियाणा के किसानों ने अलग-अलग जगह सामग्री से भरे अपने वाहन खड़े कर किसानों को सामग्री वितरित की। इस दौरान पंजाब के किसानों ने हरियाणा के ग्रामीणों की तारीफ भी की। किसानों ने बताया कि हरियाणा के लोगों से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है।

किसानों के साथ दूसरे संगठन भी स्टाल लगाकर जता रहे रोष

किसानों का समर्थन देने पहुंच रहे विद्यार्थी, वकील व कर्मचारी पूरा दिन यहां सक्रिय रहते हैं। अलग-अलग ग्राम पंचायतों के अलावा समाजसेवी भी लगातार किसानों का समर्थन करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।

कुंडली बॉडर के पास ही अलग-अलग स्टाल लगाए गए हैं। यहां न केवल इतिहास व धर्म से संबंधित पुस्तकें वितरित की जा रही है, बल्कि स्लोगन लिखी तख्तियों के माध्यम से भी संदेश देने का प्रयास किया जा राह है।

दिल्ली विवि से छात्रा संगीता की टीम यहां रोजाना 50 से 100 तख्ती व बैनर तैयार कर उन्हें प्रदर्शित कर रही है। उनका कहना है कि स्लोगनों के माध्यम से वह न केवल किसानों का समर्थन कर रहे हैं बल्कि युवाओं को बेहतर भविष्य का संदेश भी दे रहे हैं।

ईवीएम से लेकर स्कूलों को बंद रखने तक के मुद्दों पर मंच से चर्चा

कुंडली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन के दौरान गैर-किसान संगठनों के प्रमुख भी किसानों को समर्थन देने की लगातार घोषणा कर रहे हैं। यहां धरनास्थल पूरा दिन भाषणों का सिलसिला चलता है। केवल किसानों के मुद्दे ही नहीं, बल्कि दूसरे मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।

ईवीएम में गड़बड़ी से लेकर कोरोना काल में स्कूलों को बंद रखे जाने तक के मुद्दे यहां पर उठ रहे हैं। वकील, कर्मचारी, मजदूर, विद्यार्थी से लेकर टैक्सी चालक यूनियनों के पदाधिकारी भी पहुंच रहे है। किसानों की लड़ाई में उनके साथ होने की बात कहते हैं।

दिलजीत दोसांझ पहुंचे किसानों के बीच, देंगे आर्थिक मदद
अभिनेता एवं गायक दिलजीत दोसांझ शनिवार को कुंडली में किसानों के धरने पर पहुंचे। उन्होंने अपने गानों से किसानों में खूब जोश भरा। उन्होंने कहा कि आज हर हिंदुस्तानी किसानों की लड़ाई में साथ खड़ा है। दिलजीत दोसांझ किसानों को ठंड से बचाने के लिए एक करोड़ रुपये का डोनेशन देने की भी घोषणा की। दिलजीत ने भाषण में कहा कि किसानों के संघर्ष को देखकर सरकार को झुकना ही पड़ेगा।
विज्ञापन

कीचड़ में फंसा ट्रक, परेशान रहे वाहन चालक

अब कुंडली तक सर्विस रोड को खोल दिया गया है, जिससे ऑटो व अन्य छोटे वाहन कुंडली तक पहुंच रहे हैं। इसी बीच किसानों का एक ट्रक कुंडली के पास सर्विस रोड पर कीचड़ में फंस गया। वन-वे होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। सूचना प्रशासन को दी गई तो मौके पर क्रेन भेजी गई, जिसकी सहायता से काफी मशक्कत के बाद किसानों ने ट्रक को कीचड़ से बाहर निकलवाया।

पुलिस लगातार जारी कर रही सलाह
किसानों के कुंडली बॉर्डर धरने के कारण नेशनल हाईवे-44 पर जाम को लेकर पुलिस वाहन चालकों को लगातार सलाह जारी कर रही है। एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब व चंडीगढ़ से आने वाले भारी वाहनों को दिल्ली व गुरुग्राम जाने के लिए पानीपत से एनएच-71ए से होते हुए गोहाना, रोहतक, सांपला से आसौदा होकर केएमपी पर जा सकते हैं।

केएमपी व केजीपी के रास्ते मानेसर से एनएच-48 व गाजियाबाद से एनएच- 34 से होकर दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं। हल्के वाहन बीसवां मील से आगे केएमपी का प्रयोग करते हुए बादली, फरूखनगर व मानेसर के रास्ते का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा केजीपी का प्रयोग करते हुए बागपत, खेकड़ा तथा गाजियाबाद से होते हुए दिल्ली जा सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें