चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में पांच मार्च तक पीएचडी में पंजीकृत विद्यार्थियों को छात्रावास आवंटित किए जाने की तैयारी है। पीयू प्रशासन इस संदर्भ में सोमवार को आदेश जारी कर सकता है। इसका 200 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इन सभी विद्यार्थियों को कोरोना दिशा-निर्देश का पालन करना होगा। नियम तोड़ने पर कार्रवाई का भी प्रावधान रहेगा।
पीयू ने दिसंबर से उन विद्यार्थियों को पीएचडी में पंजीकृत करना शुरू कर दिया था, जिन्होंने नेट, जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इन विद्यार्थियों के दाखिले हो गए और 18 जनवरी से पढ़ाई भी शुरू हो गई। शिक्षक इन्हें गाइड कर रहे थे। ये शोधार्थी पीयू आ भी रहे थे, लेकिन इनके रहने के लिए छात्रावास आवंटित नहीं किए गए। इससे परेशानी हो रही थी। शोध प्रभावित हुआ तो शिक्षकों ने भी पीयू प्रशासन पर दबाव बनाया। उसके बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन का असर भी हुआ। सूत्रों का कहना है कि पीयू सोमवार को शोधार्थियों के लिए छात्रावास का आदेश जारी कर सकती है। हालांकि, विद्यार्थियों को यही आश्वासन दिया गया था कि उन्हें रहने को लेकर परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
पिछले साल पंजीकरण कराने वाले शोधार्थियों को भी लाभ मिलेगा
कोरोना से पहले 300 से अधिक विद्यार्थी पीएचडी में पंजीकृत हुए थे। उसके बाद लॉकडाउन लग गया और इन विद्यार्थियों को घरों पर जाना पड़ा। एक साल सिनोप्सिस के लिए मिलता है, लेकिन वह समय भी कोरोना में गुजर गया। इन विद्यार्थियों ने अब सिनोप्सिस बनाने का काम शुरू किया है। सूत्रों का कहना है कि इन शोधार्थियों को भी छात्रावासों में जगह नहीं दी गई थी। अब इन्हें छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले वर्ष के शोधार्थियों को बुलाने की योजना पहले ही बन गई थी, लेकिन विद्यार्थी पहुंचे नहीं थे। कुछ बाधा आ रही थी।
इन नियमों का करना होगा पालन
पीयू ने साफ कर दिया है कि छात्रावासों के ताले शोधार्थियों के लिए वह खोल तो रही है, लेकिन उन्हें कोविड दिशा-निर्देश का पालन करना होगा। छात्रावासों में उन्हें परिवार के संपर्क नंबर देने होंगे ताकि जरूरत पड़ने पर कॉल की जा सके। कोरोना जांच का प्रमाण पत्र भी लाना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी समूहों में एकत्रित नहीं हो सकेंगे। रात को बाहर नहीं जा पाएंगे। बाहरी लोग भी छात्रावासों में नहीं रुक पाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना मना है। शौचालय प्रयोग के लिए भी नियम बनाए गए हैं। सफाई कर्मियों से भी कहा है कि वह दिन में तीन बार सफाई करें।