चंडीगढ़ सेक्टर 9 की पेड पार्किंग।
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चंडीगढ़ की सभी 89 पेड पार्किंग अब बैंक संचालित करेंगे। नगर निगम का प्रयास है कि 21 फरवरी से इन सभी पार्किंग का संचालन शुरू कर दिया जाए। 15 फरवरी को बैंक अपना प्रस्ताव नगर निगम को सौंपेंगे कि वह पार्किंग को किस तरह से चलाएंगे। जो प्रस्ताव बेहतर होगा, उसके अनुसार निगम पार्किंगों को संचालित करने के लिए देगा। नगर निगम दिल्ली की तर्ज पर चंडीगढ़ में पार्किंगों को संचालित करने की योजना बना रहा है। इससे एक ओर बैंक में प्रतिदिन ट्रांजेक्शन होगा, वहीं निगम को सीधे तौर पर करोड़ों रुपये का फायदा भी होगा।
नगर निगम में कुल 89 पेड पार्किंग हैं। इन्हें दो भागों में बांटकर निगम ने ठेकेदारों को दिया था। एक ठेकेदार का ठेका 23 जनवरी को समाप्त हो गया और दूसरे ठेकेदार का ठेका 31 जनवरी को समाप्त हो गया। उसके बाद से ही शहर की पार्किंग खाली पड़ी हैं। एक ठेकेदार से निगम को प्रतिदिन 45 लाख और दूसरी पार्किंग से निगम को प्रतिदिन 41 लाख रुपये आता था। इस तरह निगम को प्रतिदिन का 86 लाख रुपये का भी नुकसान हो रहा है। ऐसे में अधिकारी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पार्किंग की जिम्मेदारी किसी को दे दी जाए, जिससे कि प्रतिदिन हो रहे नुकसान से बचा जाए और पार्किंग व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाए।
स्मार्ट फीचर लगाने के लिए आएगा इस बार प्रस्ताव
बैंकों को पार्किंग का संचालन देने के बाद निगम यहां स्मार्ट फीचर लगाने पर विचार करेगा। इसके लिए नगर निगम फरवरी माह के सदन की बैठक में प्रस्ताव लेकर आएगा। इसमें पार्किंगों में कौन से स्मार्ट फीचर होंगे, उसे कौन लगाएगा और नियम व शर्तें क्या होंगी, इसे लेकर विचार किया जाएगा। सदन से होने वाले फैसले के आधार पर स्मार्ट फीचर को लेकर काम किया जाएगा क्योंकि निगम एक ही ठेकेदार को पूरे शहर की पार्किंग देने के लिए प्रस्ताव दिया था लेकिन पार्षदों ने इस प्रस्ताव को नकार दिया था।
बैंकों से प्रस्ताव मांगे गए थे। 15 फरवरी को उनकी ओर से पार्किंग संचालन को लेकर प्रस्ताव दिया जाएगा। हमारा पूरा प्रयास है कि 21 फरवरी से हम पार्किंगों का संचालन शुरू कर दें। स्मार्ट फीचर के लिए सदन में प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं। सदन जो फैसला करेगा उसके आधार पर आगे का काम करेंगे।
- आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम