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'सपा' के अखिलेश यादव ने खेला ऐसा सियासी दाव, बीजेपी-कांग्रेस को लगेगा झटका...रणनीति तैयार

Fri, 10 Aug 2018 02:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर एक ऐसा सियासी दाव खेला है, जो बीजेपी, कांग्रेस और आप को बड़ा झटका दे सकता है। अगर यह रणनीति कामयाब हुई तो राजनीति के मैदान में कइयों को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ सकता है।
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दरअसल, समाजवादी पार्टी अब पंजाब और चंडीगढ़ में भी अपना विस्तार करना चाहती है। पंजाब में तो सपा सियासी पारी खेलने को बेताब है। इसकी रणनीति सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तैयार कर ली है। इसके तहत पंजाब से ताल्लुक रखने वाले अखिलेश सरकार में यूपी के पूर्व कारागार मंत्री रहे बलवंत सिंह रामूवालिया को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

रामूवालिया को दिए एक ये निर्देश

बलवंत सिंह रामूवालिया - फोटो : amar ujala
रामूवालिया को जहां पंजाब और चंडीगढ़ में सपा का संगठन खड़ा करने को कहा गया है, वहीं अखिलेश ने उन्हें पंजाब में सपा की सियासी जमीन और माहौल टटोलने को भी कहा है। रामूवालिया छह हफ्ते तक पंजाब के विभिन्न जिलों व ब्लाक में जाकर जनसंपर्क करेंगे और जनसभाओं के जरिए पंजाब सूबे में सपा की नब्ज टटोलेंगे।

छह हफ्ते के बाद रिपोर्ट सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी। पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ में रामूवालिया सपा का संगठन खड़ा करेंगे। इसके लिए 300 लोगों की फेहरिस्त भी तैयार की गई है। इन लोगों को संगठन में शामिल किया जाएगा और फिर चंडीगढ़ में सपा के बैनर तले विभिन्न सियासी गतिविधियां शुरू की जाएगी।
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पंजाबी और प्रवासियों पर रहेगी नजर

अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
सपा पंजाब में आगामी लोकसभा चुनाव में कुछेक सीटों पर प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है। इसके लिए सपा के पास सियासी फार्मूला भी है। सपा पंजाब में पंजाबियों और उतरप्रदेश से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों के बूते ये चुनाव लड़ना चाहती है।

पंजाब से बाहर अकालियों का वजूद नहीं: रामूवालिया
रामूवालिया ने अकालियों पर हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब से बाहर अकाली दल का कोई वजूद नहीं है। अकाली पार्टी एक कागज के समान है, जिसका सियासत में कोई बड़ा वजन नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो बड़े बादल (पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल) और न ही छोटे बादल (पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल) को पंजाब की परवाह है।
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