चंडीगढ़ में अखिल भारतीय परिवार पार्टी के दीपांशु शर्मा पत्रकारों से बातचीत करते हुए।
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26 जनवरी को लाल किले पर हुए उपद्रव से अखिल भारतीय परिवार पार्टी (एबीपीपी) ने किनारा कर लिया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनके किसी नेता ने लाल किले पर धार्मिक झंडा नहीं फहराया है। पार्टी का दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से विपक्ष मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए पार्टी नेता बोले कि देश के सम्मान के साथ समझौता नहीं करेंगे।
चंडीगढ़ में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिल भारतीय परिवार पार्टी के नॉर्थ ईस्ट प्रभारी दीपांशु शर्मा व कुरुक्षेत्र प्रभारी सतविंदर सिंह ने बताया कि गुरुवार को कुछ संस्थानों ने अखिल भारतीय परिवार पार्टी पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं कि पार्टी नेता लाल किले पर हुए उपद्रव तथा धार्मिक झंडा फहराने में शामिल था।
ये आरोप मनगढ़ंत हैं। हालांकि पार्टी किसानों की मांगों का समर्थन करती है लेकिन देश का सम्मान पहले है। पार्टी अपनी किसान समिति भारतीय किसान समिति के बैनर तले सिंघु बॉर्डर तथा गाजीपुर बॉर्डर पर मेडिकल कैंप लगा रही है।
पंजाब टीम के आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह हरमन 26 जनवरी को शांतिपूर्ण तरीके से किसान ट्रैक्टर परेड में शामिल हुए थे। शाम को जब लाल किले पर तिरंगे के अपमान की सूचना मिली तो वे सबसे पहले इस घटना के विरोध में तिरंगा लेकर लाल किला पहुंचे। उन्होंने कहा था कि लाल किले पर धार्मिक झंडा नहीं लगाना चाहिए था।
पार्टी के संस्थापक शाहनवाज चौधरी ने भी किसानों को आगाह किया था कि यदि आप हिंसक हुए तो हमें हराना बहुत आसान हो जाएगा। इसके बाद भी तीन फरवरी को दिल्ली पुलिस ने पहले तो धर्मेंद्र सिंह हरमन को पूछताछ के लिए बुलाया और फिर उन पर उपद्रव करने की झूठी धाराएं लगाकर गिरफ्तार कर लिया। पार्टी पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।