शिरोमणि अकाली दल (बादल) पार्टी में उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा। पूर्व अकाली मंत्री तथा एसजीपीसी के सदस्य विधायक सेवा सिंह सेखवां के खिलाफ उनके हलके के ही वर्करों ने मोर्चा खोल दिया। हलके के टकसाली अकाली नेताओं ने पार्टी हाईकमान से हलके से कोई नया लीडर चुनने की मांग की है।
वहीं सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि उन्हें पार्टी के खिलाफ काम करने वाले किसी को भी सफाई देने की कोई जरूरत नहीं है, वह जो भी बात करेंगे, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से ही करेंगे। सेखवां ने कहा कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने किसी रैली का बहिष्कार करने के लिए किसी को नहीं कहा। यह बात केवल रतन सिंह अजनाला, रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा और खुद अपने लिए कही थी कि वह रैली में तब तक नहीं जाएंगे जब तक उनकी समस्या का हल नहीं होता।
उन पर आरोप लगाने वाला कोई ओर नहीं बल्कि अकाली दल के खिलाफ पिछले विधानसभा चुनाव में लड़ने वाले कंवलप्रीत काकी है जिनके पास अभी तक अकाली दल की प्राइमरी मैंबरशिप तक नहीं है। हलका कादियां से अकाली नेता रतन सिंह जफरवाल, गुरिन्द्रपाल सिंह गोरा, कंवलप्रीत सिंह काकी, बीबी शरणजीत कौर जींदड, परमजीत सिंह लाडी, तरलोक सिंह छोटेपुर और हरबंस सिंह सिधवां ने आरोप लगाया था कि सेखवां ने केवल निजी स्वार्थों के लिए पार्टी को धोखा दिया।