पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
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दो अकाली गुट मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामने ही भिड़ गए तो उन्होंने लताड़ लगाते हुए तीखी बात कह दी। हालात गर्माते देख मुख्यमंत्री ने दोनों गुटों की क्लास लगाते हुए कुछ ही मिनटों में संगत दर्शन खत्म किया और गांव महिणा से अगले गांव की ओर रवाना हो गए। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे सीएम मुक्तसर के गांव महिणा में संगत दर्शन के लिए पहुंचे।
अभी रस्मी भाषण के बाद विकास कार्यों के लिए औपचारिक कार्रवाई शुरू ही हुई थी कि दलित घरों की ओर जाने वाली गली को चौड़ा करने की लंबे अर्से से उठाई जा रही मांग को लेकर सरपंच पुन्नू राम और पूर्व सरपंच बूटा सिंह आमने-सामने हो गए। सरपंच पुन्नू राम जहां सीएम के समक्ष गली को चौड़ा करने की मांग कर रहे थे वहीं पूर्व सरपंच बूटा सिंह का गुट इसका विरोध करने लगा।
देखते ही देखते दोनों गुट सीएम के सामने ही आपस में भिड़ गए। संगत दर्शन स्थल पर बवाल मचने से घबराई महिलाएं तुरंत वहां से चली गईं। धीरे-धीरे पूरा पंडाल खाली हो गया। यह देख भड़के सीएम ने दोनों गुटों को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘पूरे पंजाब चों धड़ेबंदी मुक्क जूं, पर ज्वाडे पिंडों नहीं मुकणी, धड़ेबंदी विच तुहाडा न गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड ते आ जाणा। तुस्सी अपणे पिंड दा ही नुकसान कर रहे हो...’।
सीएम के दोनों पक्षों को समझाने के बावजूद मामला शांत न होता देख सीएम अगले गांव में संगत दर्शन के लिए चले गए। मुख्यमंत्री के काफिले के वहां से निकलने तक दोनों गुटों को पुलिस ने पंडाल के भीतर ही रोके रखा। जैसे ही दोनों गुट पंडाल से बाहर निकले तो एक बार फिर से दोनों तरफ से गाली-गलौच और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। लोगों ने किसी तरह दोनों गुटों को अलग करवाया।