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मोहाली: नशा तस्करी मामले में फंसे अकाली नेता बिक्रम मजीठिया अदालत में पेश, 22 मार्च तक जेल में ही रहेंगे

Tue, 08 Mar 2022 02:49 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

नशा तस्करी मामले में फंसे शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया को मंगलवार को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया।
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मोहाली कोर्ट में पहुंचे बिक्रम मजीठिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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ड्रग तस्करी के मामले में फंसे अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 22 मार्च तक न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल भेज दिया गया। इस दौरान उनके वकीलों ने बताया कि जल्द ही उनकी जमानत याचिका दायर की जाएगी। अदालत में जब मजीठिया को पेश किया गया तो पुलिस उन्हें आम कैदियों की तरह नहीं, बल्कि इनोवा कार में लेकर आई थी। पेशी की जानकारी मिलते ही काफी संख्या में अकाली नेता और मजीठिया के समर्थक अदालत पहुंच गए। हालांकि पेशी के समय अदालत परिसर में मीडिया वालों को नहीं जाने दिया गया। 

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मेरा मनोबल नहीं तोड़ सकदी जेल, सच दी होवेगी जीत
अदालत के बाहर बिक्रम सिंह मजीठिया मीडिया से मुखातिब होकर बोले कि वह पूरी तरह से फिट हैं। जेल मेरे मनोबल नूं नहीं तोड़ सकदी तेह तुसी देखणा सच दी जीत होवेगी। इस दौरान उनके समर्थकों ने उनके समर्थन में जयकारे भी लगाए। बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि राज्य की कांग्रेस सरकार की कोशिश थी कि वह चुनाव न लड़ पाएं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव लड़ लिया। मैं भारत के कानून को सर्वोपरि मानता हूं और देखना कि जीत सच की ही होगी।

पिछली बार आप को एग्जिट पोल में मिली थीं सौ सीटें, लेकिन सिमटी थी बीस पर  
एग्जिट पोल पर बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव के एग्जिट पोल में आप की 100 सीटें दिखाई गई थीं लेकिन मिली थी केवल 20 सीटें ही। जबकि इस बार एग्जिट पोल पर 50 सीटें दिखाई जा रही हैं तो ऐसे में कहीं आप 10 सीटों पर ही न सिमट जाए।
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बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पिछले साल 20 दिसंबर को एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर स्टेट क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। इसमें मजीठिया ने विधानसभा चुनाव को आधार बनाकर 23 फरवरी तक मजीठिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट की मोहलत के बाद बीती 24 मार्च को जिला अदालत पहुंचकर बिक्रम सिंह मजीठिया ने आत्मसमर्पण किया था और साथ ही जमानत के लिए याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले मजीठिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में पटियाला भेज दिया और 24 मार्च को जमानत के लिए लगाई याचिका को सुनवाई के बाद रद्द कर दिया गया है।

कांग्रेस सरकार की कोशिश थी कि वह चुनाव न लड़ पाएं
बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि राज्य की कांग्रेस सरकार की कोशिश थी कि वह चुनाव न लड़ पाएं। सुप्रीम कोर्ट ने भी यह माना है कि इससे लोकतंत्र कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव लड़ लिया। सरकार धक्केशाही करती हैं तो वह अपना काम करती रहें। मैं भारत के कानून को सर्वोपरि मानता हूं और देखना कि जीत सच की ही होगी।

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