शिरोमणि अकाली दल ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के साथ नवजोत सिद्धू और सुनील जाखड़ की तस्वीरें जारी की हैं, जिन पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं। अकाली दल ने वीरवार को फिर दो तस्वीरें जारी कीं। एक में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पैर छू रहे हैं। दूसरी में प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ उनके सामने हाथ जोड़े खड़े हैं। एक दिन पहले भी शिअद ने डेरे में सिद्धू की फोटो जारी की थी।
शिअद प्रवक्ता मनजिंदर सिरसा ने कहा कि अब सिद्धू, जाखड़, कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर रंधावा और सरकार की शह पर बरगाड़ी में बैठने वाली कठपुतलियों को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। लोग जानना चाहते हैं कि ये तस्वीरें असली हैं या नहीं। अकाली दल इन्हें लोगों को जवाब देने केपूरा समय देगा। अगर इन्होंने कुछ नहीं बोला तो समय आने पर इनकी सच्चाई का खुलासा किया जाएगा।
पंचकूला हिंसा: राम रहीम के छह सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ चालान
पंचकूला हिंसा
- फोटो : Amar Ujala
पंचकूला में बीते वर्ष 25 अगस्त को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद चंडीगढ़ में जबरन घुसने की कोशिश करने वाले डेरा प्रमुख राम रहीम के छह सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ यूटी पुलिस ने जिला अदालत में चालान पेश कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाने के लिए चंडीगढ़ के डीसी अजीत बालाजी जोशी से अनुमति जरूरी थी। डीसी ने जांच के बाद वीरवार को अनुमति दे दी। गौरतलब है कि हिंसा से पूर्व डीसी अजीत बालाजी जोशी ने आईपीसी-188 के तहत आदेश जारी किए थे। आरोपियों ने आदेश की अवहेलना की थी। इस कारण ट्रायल के लिए उनकी अनुमति जरूरी थी। अब मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ अब ट्रायल शुरू किया जा सकेगा।
पुलिस ने घटना के 76 दिन बाद छह सुरक्षाकर्मियों धर्मेंद्र, मनिंदर सिंह, कृष्णपाल, अनूप, रंजीत और सुखिवंदर के खिलाफ आईपीसी-147, 148, 149 (दंगा भड़काने), आईपीसी-188 (सरकारी अधिकारी के आदेश का उल्लंघन करने), 120-बी (साजिश रचने) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत चालान पेश किया गया था। आरोपियों को थाना मनीमाजरा पुलिस ने 25 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था। चालान में पुलिस ने 13 लोगों गवाह बनाए थे। इनमें इस केस की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी, सिरसा रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के अधिकारी और आर्म्स डिपार्टमेंट, संगरूर के ऑफिशियल शामिल हैं।
चार्जशीट में पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा की उस जिप्सी का ब्यौरा दिया है, जिसमें सवार होकर आरोपी चंडीगढ़ में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने जिप्सी को जब्त कर लिया था। पुलिस ने इनके पास से बरामद हथियारों का ब्यौरा भी दिया है। 25 अगस्त को पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद पंचकूला में आगजनी, पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद चंडीगढ़ की सुरक्षा को बढ़ाया गया था। उसी दिन मनीमाजरा थाना पुलिस ने शाम को नाके पर उक्त सुरक्षाकर्मियों को रोका और उनकी तलाशी ली। उनसे एक पिस्टल, 25 कारतूस सहित उनकी गाड़ी से लाठियां व अन्य हथियार बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का मकसद शहर में दहशत पैदा करना था। आरोपियों ने उनकी पहचान गुरमीत राम रहीम के सुरक्षाकर्मियों के रूप में बताई थी।
डेरा सच्चा सौदा की रियाणा 45 मेंबर कमेटी ध्यक्ष कृष्ण चौहान गिरफ्तार
राम रहीम
डेरा सच्चा सौदा की हरियाणा 45 मेंबर कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण चौहान को सिरसा हिंसा मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चौहान पर हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। 25 अगस्त 2017 को डेरा अनुयायियों की ओर से सिरसा में की गई हिंसा के बाद पुलिस ने कृष्ण चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद से आरोपी चौहान पुलिस गिरफ्त से बचने के लिए फरार था।
बता दें कि कृष्ण चौहान के हाथों में डेरा सच्चा सौदा के सभी कार्येक्रमों की कमान होती थी। उसके निर्देश पर डेरामुखी गुरमीत राम रहीम का हर संदेश अनुयायियों तक पहुंचता था। कोर्ट द्वारा भगौड़ा करार दिए गए डेरा की 15 मेंबरी कमेटी के पदाधिकारी नवीन कुमार उर्फ गोभी को भी पुलिस ने वीरवार दोपहर गिरफ्त में ले लिया। पुलिस ने उक्त दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी कृष्ण चौहान व नवीन कुमार उर्फ गोभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
डेरा प्रबंधन कमेटी के वाइस चेयरमैन डॉ. पीआर नैन सहित चार आरोपियों पर केस दर्ज
Ram Rahim
- फोटो : File Photo
डेरा विवाद को लेकर सिरसा में हुई हिंसा मामले में कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए मुख्य चार आरोपियों के खिलाफ शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। जिन भगौड़े आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है उसमें डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन , डेरा प्रबंधन समिति की 15 मेंबरी कमेटी के पदाधिकारी नवीन कुमार उर्फ गोभी, अभिजीत उर्फ बब्लू व बेअंत कौर शामिल है।
ये आरोपी हिंसा के बाद से ही फरार चल रहे हैं। इन चारों मुख्य आरोपियों पर सिरसा पुलिस ने 25 मई 2018 को एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था, लेकिन सिरसा पुलिस अभी तक उक्त भगोड़े आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने चारों आरोपियों के पोस्टर सिरसा के बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में चस्पा किए। उक्त चारों आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बेहद करीबी हैं।
इनके हाथों में ही डेरा सच्चा सौदा सारा संचालन था। ये लोग डेरा की तमाम गतिविधियों की रिपोर्ट सीधा डेरा प्रमुख को देते थे। आरोपी बेयंत कौर के हाथों में अकाउंट की जिम्मेदारी थी। डेरा सच्चा सौदा का सालाना अरबों रुपये का हिसाब किताब बेयंत कौर करती थी। एसआईटी ने जनवरी 2018 को डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पीआर नैन सहित चारों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।