अकाली दल की ओर से महंगाई को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ राज्यस्तरीय विरोध प्रदर्शनों के तहत लुधियाना में डीसी ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया गया। पहले अकाली कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मिनी सचिवालय के बाहर एकत्रित होने शुरू हो गए और कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पूर्व मंत्री महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल के साथ विधायक शरणजीत सिंह ढिल्लों, एसआर कलेर, दर्शन सिंह शिवालिक कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए।
दोपहर बाद जब अकाली कार्यकर्ता प्रशासनिक अधिकारी को मांग पत्र सौंपने के लिए डीसी आफिस में घुसे तो उन्हें पुलिस प्रशासन ने रोका दिया।
अकाली कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा। महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल और शरणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेस सरकार में महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि वह सरकार से पेट्रोल डीजल पर वैट को कम करने, बिजली के रेट सहित अन्य टैक्सों को कम करने की मांग करते हैं। पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। यह सरकार जन विरोधी सरकार है।
राज्य में नशों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नशा कांग्रेस सरकार ने नहीं, सुखबीर बादल ने कम किया था। इस सरकार ने चार सप्ताह के भीतर नशा खत्म करने का वादा किया था। जोधपुर जेल में बंद सिखों को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा मुआवजा देने के ऐलान पर उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस सिखों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। जबकि कांग्रेस की राजीव गांधी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ही इन सिखों को जेल में डाला था, जब पंजाब में गवर्नर राज हुआ करता था। 40 सिखों को मुआवजा देकर कांग्रेस अपने गुनाहों को नहीं धो सकती।