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'अकाल तख्त के जत्थेदार से बड़ा है दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी का पद, तो नहीं कर सकता सुनवाई'

Tue, 23 Jul 2019 12:49 PM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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Giani Harpreet Singh
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श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और रागी भाई गुरजीत सिंह के बीच पैदा हुए विवाद को सुलझाने से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरजीत सिंह ने इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी का पद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से बड़ा होता है।
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इसलिए वह इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकते। रागी सिंह इस मामले को एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल के पास ले जाएं और बातचीत कर मामले को सुलझाएं। कुछ दिन पहले ज्ञानी जगतार सिंह और रागी गुरजीत सिंह के बीच विवाद हो गया था।
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रागी गुरजीत सिंह ने इस विवाद के बारे में श्री अकाल तख्त साहिब पर शिकायत की थी। इस शिकायत के बारे में रागी गुरजीत सिंह आठ हजूरी रागी सिंहों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के पास पहुंचे थे। रागी गुरजीत सिंह ने बताया कि 14 जुलाई को रात वह मुख्य भवन में कीर्तन कर रहे थे, तब ज्ञानी जगतार सिंह ने उनके साथ बदतमीजी की।

उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को एक पत्र लिखा था। उन्होंने भाई लौंगोवाल को भी पत्र लिख कर ज्ञानी जगतार सिंह के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं ज्ञानी जगतार सिंह ने कहा कि वह रागी गुरजीत सिंह को मर्यादाओं के बारे में जानकारी दे रहे थे। श्री हरमंदिर साहिब की मर्यादाओं को लागू करवाना उनकी जिम्मेदारी है।
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