हालांकि, शाम को प्रदेश के कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हुई, लेकिन वायु प्रदूषण से राहत नहीं मिली। इधर, दिवाली के बाद लगातार छठवें दिन दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। दोपहर बाद हवा की गति में तेजी आई है। इससे प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने की उम्मीद विशेषज्ञों ने जताई है।
पश्चिमी विक्षोभ का दिखा असर, एक सप्ताह तक संकट
शनिवार को हरियाणा और दिल्ली पर पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखा। रोहतक, हिसार, बहादुरगढ़ आदि शहरों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद हवा की गति तेज हुई। शुक्रवार के 6 किमी प्रति घंटे की तुलना में शनिवार को यह 15 किमी प्रति घंटे रही। मौसम विभाग के विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार को खत्म हो जाएगा, लेकिन सोमवार से हवा की गति ज्यादा होगी। इससे प्रदूषण के स्तर में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। फिर भी, सांस पर अगले हफ्ते तक संकट मंडराता रहेगा।
आज भी बूंदाबांदी के आसार
एचएयू के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल खिचड़ के अनुसार रविवार को कहीं-कहीं आंशिक बूंदाबांदी हो सकती है। बूंदाबांदी के साथ उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी। इससे कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
पराली जलाने के मामलों में गिरावट
सफर का कहना है कि बीते 24 घंटों में पराली जलाने के मामले तेजी से गिरे हैं। 31 अक्तूबर के 3178 मामलों की तुलना में इस दौरान सिर्फ 268 मामले रिकॉर्ड किए गए। शनिवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा तेजी से गिरा है। गुरुवार व शुक्रवार के 44 व 38 फीसदी की तुलना में शनिवार को 17 फीसदी हो गया। रविवार को इसके 12 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है।
(शनिवार रात 8:30 बजे)
हिसार 499
फतेहाबाद 499
जींद 482
गाजियाबाद 463
दिल्ली 449
नोएडा 444
ग्रेटर नोएडा 431
कैथल 412
भिवानी 401
फरीदाबाद 400
पानीपत 399
रोहतक 383
अंबाला 390
ग्रुरुग्राम 387
कुरुक्षेत्र 396
पलवल 380
करनाल 361
यमुनानगर 350
मानेसर 334
बल्लभगढ़ 380
दारुहेड़ा 309
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जारी जन स्वास्थ्य आपातकाल गंभीर चिंता का विषय है। इस समस्या के समाधान के लिए सभी हित धारकों द्वारा एक अति संवेदनशील और उत्तरदायी ढंग से समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। चूंकि एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार करना किसी एक व्यक्ति, संगठन या सरकार के वश की बात नहीं है, इसलिए इस गंभीर स्थिति पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सभी मुख्यमंत्रियों और पर्यावरण मंत्रियों की बैठक से इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए कार्य योजना और संयुक्त रणनीति बनाने तथा लोगों की पीड़ा और कठिनाई को दूर करने में मदद मिलेगी। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा
पराली की आग से दिल्ली में जहरीले हालात पैदा हुए, लेकिन इसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि मौजूदा स्थिति के लिए बड़े स्तर पर औद्योगिक प्रदूषण, ट्रैफिक और दिल्ली में तेजी से चल रही निर्माण गतिविधियां भी समान रूप से दोषी हैं। कड़वी सच्चाई यह है कि हम बड़ी आसानी से दूसरे तरह के प्रदूषण की जिम्मेदारी एक-दूसरे के कंधों पर डाल देते हैं, जबकि दिल्ली के लोग दुर्दशा सह रहे हैं और यह मुल्क में संभावित तौर पर विश्व के इतिहास में सबसे खराब स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे हैं। पंजाब अपनी जिम्मेदारी समझता है। लेकिन हम पहले से ही बदहाल किसानों में दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकते। अफसोस है कि इस संबंध में केंद्र ने मेरे सुझाव का जवाब तक नहीं दिया। - कैप्टन अमरिंदर सिंह, मुख्यमंत्री पंजाब
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बड़े स्तर पर कार्ययोजना बनानी जरूरी है। पराली जलाने के मामलों को रोकने के लिए ठोस रणनीति तैयार करनी होगी। प्रदूषण केवल दिल्ली नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत का मसला है। इस समस्या से निपटने के लिए सभी राज्यों को ठोस रणनीति तैयार करनी होगी। एक साथ बैठकर पराली जलाने के मामलों को रोकने के लिए व्यावहारिक और समयबद्ध योजना बनाई जाए।
दिल्ली की खराब आबोहवा न सिर्फ लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इससे विदेशों में भारत की छवि भी खराब होती है। मास्क पहनकर क्रिकेट खेलने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की नजरों में भारत की अच्छी छवि नहीं बनेगी। - अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री दिल्ली