पर्यावरण विभाग के निदेशक देबेंद्र दलाई के अनुसार, पिछली बार के मुकाबले एक्यूआई में सुधार हुआ है। हालांकि सामान्य दिनों से दिवाली की रात वायु और ध्वनि प्रदूषण अधिक रहा। विभाग के इमटेक-39 और सेक्टर-12 के वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र पर सबसे ज्यादा प्रदूषण रिकॉर्ड हुआ है।
ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ा
सामान्य दिनों की तुलना में दिवाली के दिन शोर का स्तर भी बढ़ गया। सबसे अधिक शोर का स्तर सेक्टर-22 में पाया गया जो 76.9 डेसिबल (ए) था और सबसे कम शोर स्तर सेक्टर-25 में पाया गया जो कि शाम 8 बजे से रात 10 बजे के बीच 64.9 डेसिबल (ए) था।
क्या होता है पीएम 2.5?
पीएम 2.5 प्रदूषक कणों की उस श्रेणी को संदर्भित करता है, जिसका आकार 2.5 माइक्रोन के करीब का होता है। ये बहुत छोटे कण होते हैं जो सांस लेने के दौरान शरीर में प्रवेश कर गले में खराश, जलन और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। मुख्य रूप से आग, बिजली संयंत्रों और औद्योगिक प्रक्रियाओं के कारण इसका स्तर बढ़ता है। पीएम 2.5 के बढ़ने के कारण धुंध छाने और साफ न दिखाई देने के साथ कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
कितना खतरनाक है पीएम 2.5 का बढ़ना
अमेरिका के शोध संगठन हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट (एचईआई) द्वारा पेश की गई लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में दुनिया भर के 7,239 शहरों में पीएम 2.5 प्रदूषण के कारण 1.7 मिलियन मौतें हुईं। प्रति एक लाख आबादी पर दिल्ली में 106 और कोलकाता में 99 लोगों की मौत हुईं थीं। रिपोर्ट कहती है कि भारत और इंडोनेशिया में पीएम 2.5 प्रदूषण में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है जबकि चीन में सबसे ज्यादा सुधार हुआ है।
23 अक्तूबर (दिवाली से एक रात पहले)
| श्रेणी |
रात 10 बजे |
11 बजे |
12 बजे |
| एक्यूआई |
127 |
122 |
120 |
| पीएम 2.5 |
120 |
107 |
83 |
| पीएम 10 |
139 |
119 |
109 |
24 अक्तूबर (दिवाली की रात)
| श्रेणी |
रात 10 बजे |
11 बजे |
12 बजे |
| एक्यूआई |
112 |
112 |
130 |
| पीएम 2.5 |
500 |
500 |
500 |
| पीएम 10 |
500 |
500 |
500 |
ध्वनि प्रदूषण
| एरिया |
समय |
2018 |
2019 |
2020 |
2021 |
2019 |
| सेक्टर-22 |
8-10 बजे |
87.6 |
79.9 |
पटाखे नहीं जले |
पटाखे नहीं जले |
76.9 |
(स्टैंडर्ड वैल्यू शाम 6 बजे से 10 बजे तक - 55, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक- 45)