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हरियाणा के 18 शहरों की हवा बेहद खतरनाक, रोहतक देश में सबसे प्रदूषित, स्कूलों में छुट्टी

Mon, 04 Nov 2019 03:04 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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आसमान पर छाई धुंध। - फोटो : अमर उजाला
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दिवाली के सात दिन बाद भी हरियाणा की हवा जहरीली बनी हुई है। लोग दमघोंटू हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हैं। रविवार को प्रदेश के 18 शहरों की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। रोहतक का एक्यूआई सबसे अधिक 498 रहा। वहीं, स्मॉग के चलते लोग सुबह से शाम तक परेशान रहे। दृश्यता बहुत कम होने से वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। 

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वायु प्रदूषण के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में सोमवार और मंगलवार को 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार, 6 और 7 नवंबर को प्रदेश में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद ही लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सकती है। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रविवार शाम चार बजे तक देश के 99 प्रदूषित शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक जारी किया गया। इसके मुताबिक बीते 24 घंटे में रोहतक देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा, जहां औसत एक्यूआई 498 दर्ज किया गया। दूसरा सबसे प्रदूषित शहर फरीदाबाद रहा, जहां एक्यूआई 496 दर्ज किया गया।

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हरियाणा के 18 शहरों की हवा की हालत बेहद खराब रही। वायु गुणवत्ता पर नजर रखने वाली निजी वेबसाइटों का दावा है कि हरियाणा के गुरुग्राम समेत कई शहरों में एक्यूआई 1000 के पार पहुंच गया। इसके पीछे पराली और पटाखों का जलना, निर्माण कार्यों का होना, वाहनों और फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं बताए जा रहे हैं। 

प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी झेलनी पड़ी। आंखों में जलन और एलर्जी रोगों में बढ़ोतरी हुई। भिवानी में खिलाड़ियों को अभ्यास करने से रोक दिया गया। हिसार, सिरसा समेत अन्य शहरों में शनिवार शाम हुई बूंदाबांदी से शहरी क्षेत्र में 50 फीसदी तक धुआं कम हुआ। वहीं, सिरसा में पराली जलाने पर एक किसान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।  

पराली जलाने के मामलों में गिरावट
प्रदूषण पर निगरानी रखने वाली सरकारी संस्था ‘सफर’ का कहना है कि हरियाणा और पंजाब में बीते 24 घंटों में पराली जलाने के सिर्फ 57 मामले सामने आए, जबकि शनिवार को 268 मामले दर्ज हुए थे। सफर के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण स्तर इतना बढ़ गया कि सेटेलाइट से रडार का सही तरीके से कनेक्शन नहीं हो पाया। यही कारण है कि फायर प्वाइंट का सटीक आकलन नहीं हो सका। 
 
गुरुग्राम में एक्यूआई 1535 तो जींद में 1400 के पार
एयर क्वालिटी इंडेस्क डॉट कॉम के मुताबिक शाम चार बजे गुरुग्राम का एक्यूआई सबसे अधिक 1535 दर्ज किया गया। वहीं एक्यूआई डॉट इन का दावा है कि जींद में शाम साढ़े चार बजे पीएम-2.5 का स्तर औसतन 1269 रहा, जबकि पीएम-10 का स्तर 1416 दर्ज किया गया। शहर में पहली बार इतना प्रदूषण स्तर दर्ज किया। 
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वायु गुणवत्ता सूचकांक (स्रोत- सीपीसीबी)
रोहतक- 498 
फरीदाबाद- 496 
जींद-491 
गुरुग्राम-486 
मानेसर- 486 
अंबाला- 403
फतेहाबाद- 478 
बहादुरगढ़- 473
कैथल-467
पानीपत- 465 
करनाल- 456 
पलवल-453 
हिसार- 445
कुरुक्षेत्र-442
भिवानी- 432 
सिरसा- 432 
बल्लभगढ़- 416 
यमुनानगर- 396

प्रदूषण के चलते इन जिलों में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग और डीसी के आदेश के मुताबिक खतरनाक प्रदूषण के चलते प्रदेश के 18 जिलों में 4 और 5 नवंबर को निजी और सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। जिन जिलों में दो दिन स्कूल बंद रहेंगे उनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, झज्जर, सोनीपत, भिवानी, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, कैथल, अंबाला, चरखी दादरी, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत शामिल हैं।
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