हरियाणा के 18 शहरों की हवा की हालत बेहद खराब रही। वायु गुणवत्ता पर नजर रखने वाली निजी वेबसाइटों का दावा है कि हरियाणा के गुरुग्राम समेत कई शहरों में एक्यूआई 1000 के पार पहुंच गया। इसके पीछे पराली और पटाखों का जलना, निर्माण कार्यों का होना, वाहनों और फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं बताए जा रहे हैं।
प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी झेलनी पड़ी। आंखों में जलन और एलर्जी रोगों में बढ़ोतरी हुई। भिवानी में खिलाड़ियों को अभ्यास करने से रोक दिया गया। हिसार, सिरसा समेत अन्य शहरों में शनिवार शाम हुई बूंदाबांदी से शहरी क्षेत्र में 50 फीसदी तक धुआं कम हुआ। वहीं, सिरसा में पराली जलाने पर एक किसान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पराली जलाने के मामलों में गिरावट
प्रदूषण पर निगरानी रखने वाली सरकारी संस्था ‘सफर’ का कहना है कि हरियाणा और पंजाब में बीते 24 घंटों में पराली जलाने के सिर्फ 57 मामले सामने आए, जबकि शनिवार को 268 मामले दर्ज हुए थे। सफर के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण स्तर इतना बढ़ गया कि सेटेलाइट से रडार का सही तरीके से कनेक्शन नहीं हो पाया। यही कारण है कि फायर प्वाइंट का सटीक आकलन नहीं हो सका।
गुरुग्राम में एक्यूआई 1535 तो जींद में 1400 के पार
एयर क्वालिटी इंडेस्क डॉट कॉम के मुताबिक शाम चार बजे गुरुग्राम का एक्यूआई सबसे अधिक 1535 दर्ज किया गया। वहीं एक्यूआई डॉट इन का दावा है कि जींद में शाम साढ़े चार बजे पीएम-2.5 का स्तर औसतन 1269 रहा, जबकि पीएम-10 का स्तर 1416 दर्ज किया गया। शहर में पहली बार इतना प्रदूषण स्तर दर्ज किया।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (स्रोत- सीपीसीबी)
रोहतक- 498
फरीदाबाद- 496
जींद-491
गुरुग्राम-486
मानेसर- 486
अंबाला- 403
फतेहाबाद- 478
बहादुरगढ़- 473
कैथल-467
पानीपत- 465
करनाल- 456
पलवल-453
हिसार- 445
कुरुक्षेत्र-442
भिवानी- 432
सिरसा- 432
बल्लभगढ़- 416
यमुनानगर- 396
प्रदूषण के चलते इन जिलों में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग और डीसी के आदेश के मुताबिक खतरनाक प्रदूषण के चलते प्रदेश के 18 जिलों में 4 और 5 नवंबर को निजी और सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। जिन जिलों में दो दिन स्कूल बंद रहेंगे उनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, झज्जर, सोनीपत, भिवानी, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, कैथल, अंबाला, चरखी दादरी, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत शामिल हैं।