फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरदीप पुरी ने दी बड़ी सौगात, सात साल बाद अमृतसर से शुरू होगी कनाडा की उड़ान

Sat, 15 Jun 2019 01:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने दी सौगात - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल हवाई अड्डे से कनाडा के लिए सीधी उड़ान शुरू करने की मांग को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पूरा कर दिया है। एयर इंडिया 27 सितंबर 2019 से अमृतसर से वाया दिल्ली होते हुए टोरंटों के लिए उड़ान शुरू करेगी।

विज्ञापन


यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन होगी। एयर इंडिया को अभी इसका समय और दिन निर्धारित करना है। लगभग सात साल बाद एयर इंडिया दोबारा इस उड़ान को शुरू करने जा रहा है। यह जानकारी मंत्री हरदीप पुरी ने अपने फेसबुक संदेश में दी है। 

पुरी ने कहा कि कनाडा में रहने वाले लाखों पंजाबियों विशेष कर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दुर्ग्याणा मंदिर और श्री राम तीर्थ में माथा टेकने के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस उड़ान से आराम मिलेगा।
विज्ञापन


इस उड़ान से उत्तरी अमेरिका में रहने वाले पंजाबियों को भी अपने वतन आने की सुविधा मिलेगी। पुरी ने कहा कि यह उड़ान गुरु नगरी की विकास यात्रा की शुरुआत है। 

विज्ञापन

एयर इंडिया - फोटो : File Photo
लोकसभा चुनाव के दौरान पुरी ने अमृतसर के मतदाताओं के समक्ष एक विजन दस्तावेज रखा था। इसमें अमृतसर से कनाडा, अमेरिका सहित कई देशों की लिए सीधी उड़ान शुरू करने का संकल्प था।

याद रहे कि इस उड़ान को शुरू करने के लिए कनाडा के सिख सांसदों ने भी मांग उठाई थी। अमृतसर विकास मंच के हरपाल सिंह औजला ने इस उड़ान का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

2005 में पहली बार शुरू हुई थी अमृतसर-टोरंटो उड़ान  
मई 2005 में श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल हवाई अड्डे से अमृतसर-टोरंटो के लिए सीधी उड़ान शुरू हुई थी। यह उड़ान भी सप्ताह में तीन दिन के लिए थी। एयर इंडिया ने आठ मई 2012 को पायलटों की हड़ताल के कारण इस उड़ान को निलंबित कर दिया था।

बाद में तत्कालीन उड्डयन मंत्री ने कहा था कि मई 2012 से इसलिए यह उड़ान बंद कर दी गई क्योंकि उड़ान खर्च भी नहीं निकालता है। इस उड़ान को दोबारा शुरू करने के लिए तत्कालीन सांसद नवजोत सिद्धू ने भी काफी प्रयास किए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें