आकाशवाणी के कुरुक्षेत्र अनाउंसरों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। रोजाना रेडियो पर प्रसारण के लिए मधुर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने वाले अनाउंसरों ने आकाशवाणी केंद्र के अधिकारियों के खिलाफ रविवार को प्रेस कॉन्फेंस में आरोप लगाया।
अनाउंसरों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों के इतिहास में पहली बार हुआ है जब आकाशवाणी कुरुक्षेत्र में ऐसे अधिकारियों को कार्यक्रम का जिम्मा दिया है जो स्वयं सक्षम नहीं हैं।
ये अधिकारी किसी भी प्रकार के कार्यक्रम नहीं बनाते। कार्यक्रम अधिकारियों को आकाशवाणी के लिए जो कार्य करने होते हैं, उनके लिए अनाउंसरों पर दबाव बनाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि वे तो सिर्फ कलम चलाएंगे बाकी काम ये सब अनाउंसर करेंगे। अनाउंसरों ने बताया कि आकाशवाणी कुरुक्षेत्र में इन अधिकारियों ने अपनी मनमानी से पूरा माहौल खराब है। इन हालात में महिला एवं पुरुष उद्घोषकों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
आकाशवाणी में अक्सर महिला उद्घोषकों की ड्यूटी सुबह की सभा में लगाई जाती है, जबकि नए अधिकारियों ने महिलाओं को रात की ड्यूटी पर आने के लिए मजबूर किया है।
साथ ही रात को सवा ग्यारह बजे घर तक छोड़ने की सुविधा प्रदान नहीं की है, जबकि ये सुविधा प्रसार भारती और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार महिला कार्यकर्ताओं के लिए आवश्यक है।
उद्घोषकों ने बताया कि इन मुद्दों पर महानिदेशालय को छह पत्र भेजे जा चुके हैं लेकिन निदेशालय ने चुप्पी साध रखी है।
इन उद्घोषकों का कहना है कि अगर प्रसार भारती ने इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो वे सूचना प्रसारण मंत्रालय के सामने धरना देंगे साथ ही अपनी बात ऐसे प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे, जिन्होंने आकाशवाणी के उत्थान का जिम्मा भी लिया है।
इन अनाउंसरों ने किया खुलासा
इस प्रेसवार्ता में राजेश जांगड़ा, विकास शर्मा, महेश शर्मा, एकांत भारद्वाज, अनुराधा, दीप्ति, आरती, शिप्रा, अशोक शर्मा, समीर गुप्ता, शिवानी, आकांक्षा, अंजलि, ऊषा, इंदू, बृज शर्मा, प्रदीप कुमार, गिरधारी लाल, पुरुषोतम, नवीन कुमार, तमन्ना, कीर्ति, निधि के अलावा अन्य उद्घोषक उपस्थित थे।