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AIPMT टॉपर विपुल गर्ग की कामयाबी के राज

Sun, 23 Aug 2015 05:41 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, जींद(हरियाणा)
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ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) में हरियाणा फिर सुर्खियों में है। इसी साल हरियाणा के रोहतक के परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक के चलते दोबारा कराए गए एआईपीएमटी में इसी राज्य के छोटे से शहर जींद के विपुल गर्ग ने ऑल इंडिया टॉप किया है। शहर की गुप्ता कॉलोनी में रहने वाला विपुल गर्ग, जो कल तक शहरवासियों के लिए अनजान था, उसके चर्चे देशभर में हो रहे हैं।
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मध्यवर्गीय परिवार के 19 वर्षीय विपुल ने सोमवार को घोषित एआईपीएमटी परिणाम में  कुल 720 में से 695 अंक प्राप्त किए हैं।
एआईपीएमटी में ऑल इंडिया टॉप करने की उम्मीद विपुल और उसके परिवार को नहीं थी, हालांकि टॉप टेन में आने का उसे पूरा विश्वास था। विपुल को उसके दोस्तों ने जब फोन पर उसे उसके टॉप पर रहने की सूचना दी तो बकौल विपुल पहले तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ।

उसने खुद इंटरनेट पर रिजल्ट देखकर इसकी तस्दीक की और टॉपर सूची में पहले नंबर पर अपना नाम देखकर उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। विपुल ने अमर उजाला को बताया कि जब उसे ऑल इंडिया टॉप करने के बारे में पता चला तो उसे लगा कि मानो उसके पैर जमीन पर नहीं हैं और वह आसमान में उड़ रहा है।
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शहर के रोहतक रोड पर रहने वाला विपुल का परिवार बेटे की इस सफलता पर फूला नहीं समा रहा है। विपुल के पिता विरेंद्र कुमार पालिका बाजार में गारमेंट्स की दुकान चलाते हैं। मां ऊषा गृहणी हैं। बड़ा भाई दीपांशु बीकॉम सेकेंड ईयर में पढ़ा रहा है साथ ही दुकान में पिता का हाथ बंटाता है। घर वालों का कहना है कि विपुल दिल लगा कर पढ़ता था और इसी मेहनत ने आज उनके बेटे को सफलता के शिखर पर पहुंचा दिया।

विपुल की प्राथमिक शिक्षा शहर के ही गोपाल स्कूल तथा मैट्रिक तक की शिक्षा डीएवी स्कूल में हुई। इसके बाद 12वीं तक की पढ़ाई होली कान्वेंट विकासनगर दिल्ली से पूरी की। विपुल ने एआईपीएमटी की परीक्षा के लिए दिल्ली में आकाश इंस्टीट्यूट में दो वर्ष तक कोचिंग ली।

उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के साथ ही मौसी के लड़के और शहर में ही अपना निजी अस्पताल चलाने वाले डॉ. सुरेश को दिया। अब विपुल का सपना डॉक्टर बनकर बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से महरूम गरीबों को निशुल्क बेहतर इलाज कर उनका दर्द बांटना है।
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एआईपीएमटी में पहले ही प्रयास में झंडे गाड़े

विपुल का कहना है कि सफलता प्राप्त करने के लिए सारा दिन पढ़ना जरूरी नहीं, पर इतना जरूर है कि जितना पढ़ो, दिल लगा कर पढ़ो। जो लोग गरीब हैं, वे आगे नहीं बढ़ सकते, ऐसा भी नहीं है। मेहनत करने वालों की राह में कभी गरीबी आड़े नहीं आती। आड़े आता है, तो सिर्फ लक्ष्य पर फोकस न करना।

लक्ष्य सामने हो और उस पर फोकस भी ठीक हो तो कुछ भी असंभव नहीं। अपनी सफलता पर विपुल ने कहा कि परीक्षा के बाद मैं खुश था कि पेपर अच्छे गए हैं, लेकिन टॉप करने के बारे में कभी नहीं सोचा था। मुझे इस बात की खुशी है कि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली में एडमिशन मिल सकेगा। यह मेरे और मेरे परिवार के लिए एक स्वप्न था, जो सच हो गया।

कक्षा में कभी नहीं किया टॉप: 12वीं कक्षा की परीक्षा में 90 फीसदी अंक हासिल करने वाले विपुल ने बताया कि इससे पहले उसने स्कूली परीक्षा समेत किसी भी परीक्षा में कभी प्रथम स्थान प्राप्त नहीं किया। एआईपीएमटी में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया टॉप करके वह अभिभूत है।

पेपर रद्द होने से हुई थी मायूसी: विपुल ने बताया कि तीन मई को हुई परीक्षा में उसके पेपर अच्छे रहे थे, लेकिन रोहतक में पेपर लीक होने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द कर दी। इससे उसे मायूसी तो हुई लेकिन इसके बाद मिले समय का उपयोग उसने परीक्षा की तैयारी में किया। दोबारा टेस्ट होने पर इसी कारण अच्छा परफॉर्म कर सका। विपुल ने एआईपीएमटी की परीक्षा दिल्ली में दी थी।

नाक का दर्द भी नहीं रोक पाया सफलता पाने से: विपुल काफी समय से नाक की हड्डी बढ़ जाने की वजह से परेशान था। इसकी परवाह न कर वह परीक्षा के लिए प्रतिदिन सात घंटे पढ़ाई करता रहा था। अभी कुछ दिन पहले ही विपुल ने हिसार जाकर नाक की हड्डी का ऑपरेशन करवाया है। सोमवार को भी जिस समय परीक्षा का परिणाम आया, विपुल चेकअप के लिए हिसार गया हुआ था, वहीं पर उसे दोस्तों ने फोन पर परिणाम की सूचना दी।
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