एग्रोटेक 2016 में प्रदर्शित किया गया मिट्टी की जांच करने वाला ड्रोन
किसानों के लिए खास खबर। अब वे ड्रोन की मदद से मिट्टी की जांच कर सकेंगे। आईआईटी खड़गपुर ने इस प्रोग्राम की शुरूआत की है। आईआईटी खड़गपुर ‘एग्नैक्स्ट’ के तहत खेतों की डिजिटाइजेशन को प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए आईआईटी ‘हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग टेक्नोलॉजी’ लाया है।
सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग की इस तकनीक के जरिए किसान खेतों से मिट्टी की उर्वरता और फसल में बीमारी के प्रकोप का निर्धारण कर सकते हैं। आईआईटी खड़गपुर के विद्यार्थियों ने ड्रोन के जरिए डाटा एकत्र किया और इसका आंकलन किया। इसके बाद फसलों के विश्लेषण को लेकर एक मंच तैयार किया।
ड्रोन में सेंसर और इमेजिंग तकनीक से युक्त एक लैंस है। बीज के अंकुरण, इसके बाद मध्य चरण की निगरानी, फसल उत्पादन और फसलों पर कीटों के हमले के बारे में एक प्रभावी और कुशल तरीके से पता लगाने में मदद करता है।
इस ड्रोन को टैबलेट और स्मार्टफोन से भी संचालित किया जा सकता है। आईआईटी खड़गपुर से आए ग्रुप के लीड मेंबर तरनजीत सिंह ने बताया कि इसे ऐसी तकनीक से विकसित किया गया है कि किसान मिट्टी के नक्शे और उपजाऊ क्षमता की पहचान कर सकें।