जुलाई की महीना किसानों के लिए बेहद खास होता है। इस महीने में धान की रोपाई की जाती है तथा उसे एक बच्चे की तरह देखभाल की जरूरत होती है। किसानों को इस महीने में कृषि वैज्ञानिकों की विशेष सलाह की जरूरत होती है, अपनी धान की फसल में कब और कितनी मात्रा में खाद या अन्य दवाई डालें, इसका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि कम अवधि वाली बौनी किस्मों के लिए 60 दिन की पौध को जुलाई अंत तक लगा सकते हैं परंतु मध्यम अवधि वाली बौनी किस्मों को दस जुलाई तक लगा लें। पौध को उखाड़ने से पहले क्यारी में पानी दें व बहुत सावधानी से पौध उखाड़ें ताकी कीचड़ हट जाए और जड़ों को नुकसान नहीं हो।
बासमती धान की रोपाई एक से 17 जुलाई तक कर लें क्योंकि देर होने पर वटरा रोग लग जाता है। खाद की मात्रा मिट्टी जांच के आधार पर दें। बौनी और मध्यम अवधि वाली किस्मों के लिए प्रति एकड़ छह टन गोबर की खाद, 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट, 2.5 बोरा यूरिया, तीन बोरे सिंगल सुपर फासफेट तथा एक बोरा मयूरेट ऑफ पोटाश डालें तथा कम अवधि वाली किस्मों में यूरिया की मात्रा कम करके दो बोरे ही रखें।
जिंक, फासफोरस तथा पोटाश की पूरी मात्रा तथा 1/3 नाइट्रोजन लेव बनाते समय दें। यदि नाइट्रोजन लेव के साथ न दें सकें तो एक सप्ताह तक भी दे सकते हैं।