राज्य सरकार द्वारा फरवरी में चप्पड़चिड़ी में कराई जाने वाली प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी डेलीगेट आएंगे। साथ ही देश के विभिन्न राज्यों के किसान भी समिट की शोभा बढ़ाएंगे। समिट में आने वाले मेहमानों को कोई समस्या न आए।
इसके लिए जिला प्रशासन पूरी प्लानिंग से तैयारी में जुट गया है। शुक्रवार को प्रबंधकीय कांप्लेक्स में डीसी तजिंद पाल सिंह सिद्धू ने समिट की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में पुलिस एवं प्रशासन के सभी सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
डीसी ने बताया कि समिट 16 से 19 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान बाबा बंदा सिंह बहादुर जंगी यादगार के साथ पड़े खाली मैदान में खेती एवं सहायक धंधों पर आधारित विशाल प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
इसलिए ग्राउंड की सफाई को यकीनी बनाया जाए। गमाडा एवं लोक निर्माण विभाग को चप्पड़चिड़ी से गुजरने वाली लिंक रोड्स की मरम्मत पहल के आधार पर करने की हिदायत दी है।
डीसी ने बताया कि लांडरां रोड पर ट्रैफिक को कम करने के लिए सोहाना से भागोमाजरा तक की सड़क को मजबूत बनाया जाएगा। ताकि सनेटा, बनूड़, राजपुरा जाने वाले लोग नजदीकी गांवों में आसानी से आ जा सकें।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को लांडरां टी प्वाइंट तक की सड़क को और चौड़ा एवं मजबूत करने की हिदायत दी गई है।
मीटिंग में एसएसपी इंद्रमोहन सिंह, एडीसी जनरल प्रवीन कुमार थिंद, एडीसी विकास पुनीत गोयल, एसडीएम लखमीर सिंह, सहायक कमिश्नर जनरल अमरजीत बैंस एवं लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन एनएस वालिया एवं जोरा हाजिर थे।
ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं
डीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि समिट की तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को जो जिम्मेदारी सौंपी जाए। उसे वे पूरी तनदेही से पूरा करे।
इसके अलावा सरकार द्वारा अपने स्तर पर कोशिशें की जा रही हैं। जिक्रयोग है कि इससे पहले 28 दिसंबर को सीएम खुद चप्पड़चिड़ी का दौरा कर गए हैं। उन्होंने भी समिट को कामयाब बनाने के लिए अधिकारियों आदेश दिए थे।