हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने प्रदेश की मंडियों का दौरा करने का निर्णय लिया है। वह खुद सरसों खरीद का निरीक्षण करेंगे। खरीद व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही मंत्री किसानों की समस्याएं भी जानेंगे। वह तीन दिनों तक प्रदेश की मंडियों के दौरे पर रहेंगे। मंत्री शुक्रवार को दक्षिणी हरियाणा की मंडियों का जायजा लेंगे।
इसके बाद उत्तर हरियाणा व जीटी रोड बेल्ट का रुख करेंगे। मंडियों में सरसों खरीद के अलावा 20 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद की तैयारियां भी देखी जाएंगी। गेहूं के लिए सरकार ने 2000 खरीद केंद्र बनाए हैं। कोरोना के दौरान सरकार के सामने बड़ी चुनौती किसानों की गेहूं की खरीद को समय पर संपन्न कराना ही है।
8380 किसानों ने 22 हजार मीट्रिक टन सरसों बेचा
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि राज्य में सरसों की खरीद के लिए 163 खरीद केंद्रों पर 8380 किसानों ने रिपोर्ट की और इन किसानों से लगभग 22,000 मीट्रिक टन सरसों की खरीद एजेंसियों, अर्थात हैफेड और राज्य भंडारण निगम द्वारा की गई।
उन्होंने बताया कि खरीद के पहले दो दिनों में राज्य में कुल 33,331 मीट्रिक टन की सरसों खरीद की गई है। उनके अनुसार शुक्रवार को कुछ बड़े खरीद केंद्रों पर खरीद एजेंसियां अधिक संख्या में किसानों को खरीद के लिए आमंत्रित करेगी। अब हर दिन लगभग 30,000 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि 77 किसानों ने स्वेच्छा से हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में 85,820 रुपये की राशि का योगदान दिया है।
व्यापारी अपना पूरा योगदान दें, सरकार जरूरी इंतजाम करें
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने प्रदेश के व्यापारियों से अपील की है कि वह किसान की सरसों व गेहूं खरीद में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए उसमें अपना पूरा योगदान दे। हरियाणा सरकार से मांग की है कि किसान को अपनी फसल बेचने में दिक्कत ना आए उसके लिए सरकार को मंडियों में अपनी तरफ से पुख्ता प्रबंध करें और किसान, मजदूर व व्यापारियों को कोरोना से बचाने के लिए भी जरूरी इंतजाम किए जाए। सरसों व गेहूं खरीद, उठान व फसल का भुगतान सरकार समय पर करें।