पठानकोट का बेटा मदन लाल कुपवाड़ा में शहीद
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू के उड़ी सेक्टर में सेना के बैस कैंप पर आतंकी हमले में शहीद हुए 18 सैनिकों की चिताएं ठंडी नहीं हुई कि एक और लाल शहीद हो गया। जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे आतंकियों से हुई मुठभेड़ में सेना की 20 डोगरा यूनिट के हवलदार मदन लाल शर्मा भी शहीद हो गए।
पत्नी बोलीं-फोन पर कहा था मेरे लिए ड्यूटी सबसे पहले
पत्नी बोली कि शादी के 13 साल बाद घर में बेटी पैदा हुई और काफी मन्नतों के बाद बेटे ने जन्म लिया। नवरात्र में बेटे के मुंडन का मुहूर्त निकला था तो उसने पति से फोन पर घर आने को कहा लेकिन मदन लाल ने कहा कि जनवरी से पहले वह नहीं आ सकता। जिस जगह उनकी ड्यूटी है वहां माहौल बहुत तनावपूर्ण है और तथा मेरे लिए ड्यूटी सबसे पहले है।
आज ही मिली शहादत की सूचना
पठानकोट का बेटा मदन लाल कुपवाड़ा में शहीद
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शहीद की पत्नी भावना शर्मा ने बताया कि बुधवार को सुबह सात बजे यूनिट से फोन आया और कहा कि घर में किसी बड़े से बात करवाओ। फिर उन्होंने अपने पड़ोसी रिटायर्ड सूबेदार देवदत्त को बुलाया।
उन्होंने यूनिट में फोन किया तो यूनिट के सूबेदार मेजर ने बताया कि मदन लाल आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए हैं। मदन लाल तीन भाइयों व दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता का देहांत पहले ही हो चुका है। वह अपने पीछे पत्नी भावना सहित पांच वर्ष की बेटी श्वेता शर्मा, ढाई वर्ष के बेटे कन्नव शर्मा और मां धर्मों देवी को छोड़ गए हैं।
उन्होंने नम आंखों से बताया कि उनके पति ने सोमवार को फोन कर बच्चों का हाल जाना था तथा बेटी श्वेता से भी बात कर पूछा था कि उसकी परीक्षा कैसे चल रही है। उसने बताया कि मदन लाल जुलाई में छुट्टी काट कर गए थे।
गांव में शोक की लहर
पठानकोट का बेटा मदन लाल कुपवाड़ा में शहीद
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पठानकोट जिले के निकटवर्ती गांव घरोटा निवासी हवलदार मदन लाल शर्मा की शहादत की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और प्रत्येक घर में मातम पसरा है। गांववासियों को जहां अपने सपूत के जाने का गम है वहीं उसकी शहादत पर गर्व भी है।
शहीद के परिवार के साथ दुख सांझा करने पहुंचे शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि हवलदार मदन लाल शर्मा ने अपना बलिदान देकर शहीदों की जन्मस्थली जिला पठानकोट व जिला गुरदासपुर में शहादतों की गौरवमयी परंपरा को बरकरार रखा है।
आज पहुंचेगी पार्थिव देह
कुंवर विक्की ने बताया कि शहीद की पार्थिव देह 22 सितंबर को गांव पहुंचेगी और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस अवसर पर शहीद के बड़े भाई वेद प्रकाश व राम लाल के अलावा ठाकुर विजय सिंह सलारिया, सूबेदार मेजर शाम सिंह, सूबेदार सतपाल शर्मा उपस्थित थे।