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Chandigarh News: सात माह बाद दिया नगर निगम ने फायरमैन का रिकॉर्ड

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में फायरमैन भर्ती घोटाले के मामले में नगर निगम ने 7 महीने बाद पुलिस को रिकॉर्ड दे दिया है। 200 से अधिक फायरमैन का रिकॉर्ड मंगलवार को दिया गया। पुलिस ने रिकॉर्ड की जांच करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही रिकॉर्ड सीएफएसएल भेजा जाएगा। जिसमें नकली और असली उम्मीदवार का खुलासा होगा। बता दें कि कई फायरमैन का रिकॉर्ड पुलिस पहले ही सीएफएसएल भेज चुकी है। हालांकि सीएफएसएल से अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
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कई बार भेजा रिमांइडर, खुद नगर निगम पहुंची पुलिस
मार्च में पुलिस ने फायरमैन का रिकॉर्ड लेने के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद लगातार कई बार नगर निगम को रिमाइंडर भेजा गया। इसके बाद भी जब रिकॉर्ड नहीं मिला तो पुलिस खुद नगर निगम पहुंची और रिकॉर्ड मांगा लेकिन फिर 10 दिन का समय मांगा गया। लगभग एक महीना बीतने के बाद मंगलवार को नगर निगम ने रिकॉर्ड दिया।
तीन साल से अटका है मामला

सेक्टर-36 थाना प्रभारी जेपी सिंह ने बताया कि जांच के लिए कई फायरमैन का रिकॉर्ड पहले ही सीएफएसएल भेजा गया था। हालांकि अभी रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस रिपोर्ट के लिए सीएफएसएल को रिमाइंडर भेजेगी। गौरतलब है कि मामला तीन वर्षों से लंबित है। अमर उजाला ने इस विषय पर कई खबरें प्रकाशित कीं जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और जांच आगे बढ़ी।
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एएसआई की भर्ती में हुआ था खुलासा
वर्ष 2023 में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को एक असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सतीश ने बताया कि वह सोमवीर नामक व्यक्ति के साथ फायरमैन की फर्जी भर्ती में शामिल था जिसके लिए प्रत्येक उम्मीदवार से 10 लाख रुपये लिए थे। सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया, जो डेढ़ साल से फायरमैन पद पर कार्यरत थे। जांच में सामने आया कि इनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी।
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नगर निगम की तरफ से सभी फायरमैन का रिकॉर्ड आ चुका है। रिकॉर्ड की जांच करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
-कंवरदीप कौर, एसएसपी
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