मार्च 2015 में पीजीआई डायरेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी। एक साल बीतने को है, लेकिन अब तक संस्थान को नया निदेशक नहीं मिल पाया है। नियुक्ति की फाइल कैबिनेट की अप्वाइंटमेंट कमेटी (एसीसी) के पास पड़ी हुई है।
डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए गठित कमेटी ने तीन डाक्टरों के नाम फाइनल कर एसीसी के पास भेज दिया था। उसके बाद से फाइल वहीं पड़ी है। अब पीएमओ को डायरेक्टर की नियुक्ति पर फैसला लेना है। संभावना जताई जा रही है कि 11 मार्च के बाद डायरेक्टर के नाम पर फैसला होगा। यह पहली बार है कि जब डायरेक्टर की नियुक्ति में करीब एक साल का वक्त लगा हो।
पिछले साल मार्च में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डायरेक्टर की अप्वाइंटमेंट के लिए आवेदन मांगे थे। 20 अप्रैल 2016 तक आवेदन जमा करने का अंतिम दिन था। 30 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किए। इसमें देश के अलग-अलग इंस्टीट्यूट के डाक्टरों ने आवेदन किया था। नवंबर में 30 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इसमें मेरिट के आधार पर इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डा. अनिल भंसाली को पहले स्थान पर, पीडियाट्रिक की डा. मीनू सिंह को दूसरे स्थान पर और एडवांस आई सेंटर के एचओडी प्रोफेसर जगत राम को तीसरे स्थान पर सेलेक्ट किया गया। उसके बाद फाइल को एसीसी भेजा गया।