पीयू ने साफ कर दिया है कि कोरोना के कारण छात्रावास के एक कमरे में एक ही छात्र को रखा जाएगा। ऐसे में पीयू बाकी छात्रों को बुलाने में जल्दबाजी नहीं करेगी। वह इन छात्रों के आने के बाद माहौल भांपेगी और उसके बाद अन्य छात्रों को बुलाने पर निर्णय लेगी।
पीयू सामान्य स्थितियों में छात्रावास के एक कमरे में दो से तीन विद्यार्थियों को रखती थी, लेकिन अब हालात अलग हो गए। पीयू के पास 20 छात्रावास हैं। इनमें सात हजार विद्यार्थियों के रुकने की व्यवस्था थी। जानकारों का कहना है कि एक कमरे में जब एक ही छात्र को रखने की व्यवस्था होगी तो फिर कुल क्षमता साढ़े तीन हजार होगी। वर्तमान में 700 से अधिक शोधार्थी पीयू के छात्रावासों में रह रहे हैं। अब पीजी अंतिम वर्ष के लगभग 1500 विद्यार्थी कैंपस में आएंगे। दोनों को मिलाकर 2200 छात्र कैंपस में रहेंगे। बाकी 1300 विद्यार्थियों को पीयू और बुला सकेगी। हालांकि उसके लिए हालात सामान्य होने का इंतजार किया जाएगा।
मेस में बैठकर भोजन कर सकेंगे छात्र
पीयू ने पहले आदेश जारी किए थे कि विद्यार्थी मेस से खाना टिफिन में लेंगे और अपने कमरे में जाकर खाएंगे, लेकिन अब कोरोना से हालात कुछ ठीक हुए तो आदेश बदल गए। अब विद्यार्थी मेस में जाकर खाना खा सकेंगे। बाहर का खाना बंद है, लेकिन छात्र यह मंगवा रहे हैं। आगे भी यह व्यवस्था जारी रह सकती है। वहीं पीयू ने विद्यार्थियों से यह भी कहा है कि छात्रावासों में नाई, धोबी, टेलर की व्यवस्था नहीं मिलेगी।
विभागीय कैंटीन खोलने पर निर्णय लेना बाकी
पीयू ने एमएससी भौतिक विज्ञान विभाग, रसायन विज्ञान, यूआईपीएस, डेंटल कॉलेज के विद्यार्थियों को आने के लिए कहा है। छात्रों का कहना है कि इन विभागों की कैंटीन खोली जानी चाहिए ताकि विद्यार्थियों को खाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन के सामने कई अन्य समस्याएं भी रखी हैं।