हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को खट्टर सरकार रियायत देने के मूड में नहीं है। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद से हुड्डा पर लगातार शिकंजा कसा है। एक-एक कर पांच मामलों में पूर्व सीएम के खिलाफ जांच बैठाई जा चुकी है।
सरकार चुनाव नजदीक आने पर और भी ऐसे कई मामले खोल सकती है, जिससे कि पूर्व सीएम हुड्डा और विपक्षी दल कांग्रेस की दिक्कतें बढ़ें और सत्ताधारी दल जनता के बीच भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर-शोर से उछाल सके। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई का दम भरा है और सीएम मनोहर लाल से लेकर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सरीखे नेता हुड्डा पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूक रहे।
इनेलो ने भी चुनाव से पहले लगभग चार सौ पन्नों की चार्जशीट राज्यपाल को सौंपकर हुड्डा शासनकाल में हुई अनियमितताओं की कार्यरत न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की थी, इसलिए भी सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में किसी मोर्चे पर कमजोर नहीं दिखना चाहती थी।
नाकामियों से भटका रहे ध्यान : हुड्डा
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार बदला व बदलियों की सरकार है। सत्ता में आने के बाद एक भी वादा पूरा नहीं किया। नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए साजिश रची जा रही है। वह इससे घबराने वाले नहीं हैं।
हुड्डा के खिलाफ चल रहे मामले
- फोटो : File Photo
हुड्डा के खिलाफ चल रहे मामले
-एजेएल प्लाट आवंटन : नेशनल हेराल्ड अखबार के स्वामित्व वाली कंपनी को प्लाट का दोबारा आवंटन, सीबीआई में केस दर्ज।
-रैक्सिल दवा घोटाला : आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के उठाए मामले में केंद्रीय सतर्कता ब्यूरो से जांच कराने का निर्णय। हाईकोर्ट में केस।
-वाड्रा-डीएलएफ केस : जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग की जांच पूरी, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं, 2016 से हाईकोर्ट में केस।
-पंचकूला में इंडस्ट्रियल प्लाट आवंटन : 2013 में 14 लोगों को प्लाट आवंटन मामले में हुड्डा, एक आईएएस, एक रिटायर्ड अफसर और प्लाटधारकों समेत 17 लोगों पर एफआईआर। विजिलेंस जांच में दोषी पाए गए। हुड्डा और उनके सहयोगियों के 20 ठिकानों पर सीबीआई की एक साथ छापेमारी
-मानेसर जमीन अधिग्रहण मामला : भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला में टाउनशिप के लिए 912 एकड़ भूमि अधिग्रहण में 2004 से 2007 के बीच 400 एकड़ भूमि खरीद में धांधली का आरोप। ईडी में केस दर्ज।