माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। कांग्रेस पार्षदों के साथ ही अब भाजपा पार्षदों ने भी सदन की बैठक नगर निगम में बुलाने की मांग की है। महापौर राजबाला मलिक ने पार्षदों के प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा कि अभी कोरोना महामारी का प्रकोप कम नहीं हुआ है। वह स्वयं कोरोना संक्रमित हो चुकी हैं। ऐसे में अभी सदन की बैठक बुलाना जल्दबाजी होगी। 20 अक्तूबर को सदन की बैठक ऑनलाइन ही की जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद की ओर से गठित कमेटी ने मंगलवार को महापौर के सामने यह मुद्दा उठाया। इस दौरान भाजपा पार्षदों ने कहा कि अगर विधानसभा और लोकसभा सांसद व विधायकों की उपस्थिति में बुलाई जा रही है तो निगम सदन की बैठक बुलाने में क्या समस्या है। बीते सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शहर के अलग-अलग मुद्दों पर भाजपा पार्षदों के साथ बैठक की थी, जिसमें सभी पार्षदों ने कहा कि अब सदन बैठक ऑफलाइन बुलाई जानी चाहिए। इस साल कोरोना के कारण मार्च माह से लेकर अब तक सभी बैठकें निगम की ओर से ऑनलाइन ही बुलाई जा रही हैं। भाजपा पार्षदों ने कहा कि ऑनलाइन बैठक में मुद्दों पर प्रभावी ढंग से बात नहीं हो पाती है। पार्षदों ने कहा कि निगम के वितीय संकट से शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। बैठक में मेयर राजबाला मलिक, पार्षद गुरप्रीत ढिल्लो और दलीप शर्मा को छोड़कर सभी पार्षद मौजूद रहे। कमेटी में सीनियर डिप्टी मेयर रविकांत शर्मा, डिप्टी मेयर जगतार जग्गा, पूर्व मेयर राजेश कालिया, देवेश मौदगिल और आशा जसवाल को शामिल किया गया है।
पार्षदों को 2-2 करोड़ मिल जाएं तो विकास कार्य हो सकेंगे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्षदों से उनके वार्ड की प्राथमिकता के बारे में पूछा। इस पर पार्षदों ने कहा कि हर वार्ड के लिए दो-दो करोड़ रुपये की राशि मिल जाए तो कुछ विकास कार्य हो सकेंगे। पार्षदों ने कहा कि समस्या गंभीर है तो प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मुलाकात करनी चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वह राजभवन जाकर प्रशासक से इस संबंध में चर्चा करेंगे।
कांग्रेस ने भी निगम में बैठक बुलाने को कहा था
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह बबला व कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने भी सदन की बैठक निगम में बुलाने की मांग की थी। दोनों ने नगर निगम आयुक्त, महापौर और सलाहकार को इस संबंध में पत्र लिखा था।
भाजपा पार्षद बोले-बढ़े हुए पानी के रेट कम हों
बैठक में पार्षदों ने कहा कि कोरोना के कारण लोग वैसे ही परेशान हैं, ऊपर से पानी के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। बढ़े हुए पानी के दाम संशोधित होने चाहिए। पार्षदों ने कहा कि जो 60 किलो लीटर से ज्यादा पानी उपयोग करने वाली स्लैब का दाम काफी ज्यादा है। इसकी जगह पार्षद शक्ति प्रकाश देव शाली के नेतृत्व में जो कमेटी ने रेट दिए हैं, उन्हें लागू करना चाहिए। बैठक में सेक्टर-22 के एक वेंडर की खुदकुशी का मामला व सेक्टर-22 में ही पांच वेंडर्स को लाइसेंस न मिलने का मामला भी खूब गरमाया।