चंडीगढ़ 11 दिन तक बिना मेयर के रहेगा। प्रशासन ने 11 जनवरी को मेयर का चुनाव करवाने का निर्णय लिया है, जबकि अरुण सूद का कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म हो जाएगा। 11 दिन के लिए प्रशासन निगम के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त करेगा। एक सप्ताह पहले चुनाव की अधिसूचना जारी करनी जरूरी होती है, इसी कारण मेयर चुनाव में देरी हो रही है। वहीं मनोनीत पार्षदों की घोषणा प्रशासन वीरवार को करने जा रहा है। ऐसे में 35 पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 1 जनवरी को होगा। मालूम हो कि इस साल मेयर का चुनाव 8 जनवरी को हुआ था। ऐसा पहली बार होगा जब मेयर का चुनाव इतनी देरी से हो रहा है।
आज होगी उम्मीदवारों की घोषणा
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं, जिनकी घोषणा वीरवार को कर दी जाएगी।
9 मनोनीत के नाम तय, आज होगी सूची जारी
प्रशासन ने 9 मनोनीत पार्षदों के नाम तय कर लिए हैं जिस पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने अपनी मुहर लगा दी है। जबकि मनोनीत पार्षदों की सूची वीरवार सुबह जारी की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि सभी नए मनोनीत ऐसे हैं जो किसी न किसी तरीके से भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं। नए मनोनीत पर सांसद किरण खेर और भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की भी राय ली गई है। देर शाम नए मनोनीत पार्षदों पर सलाहकार परिमल राय की प्रशासक के साथ गवर्नर हाउस में बैठक भी हुई।
गुरबख्श हो सकती हैं कांग्रेस की मेयर उम्मीदवार
गुरबख्श हो सकती हैं कांग्रेस की मेयर उम्मीदवार
- फोटो : File Photo
मेयर पद के लिए कांग्रेस गुरबख्श रावत को मैदान में उतारने का विचार कर रही है। हालांकि, कांग्रेस के सिर्फ चार ही पार्षद इस बार जीत कर आए हैं। इसके बावजूद भी गुरबख्श रावत को उम्मीदवार बनाने पर कांग्रेस मुहर लगाने की तैयारी कर रही है। पहले कांग्रेस इस बात पर चर्चा कर रही थी कि कोई उम्मीदवार मैदान में न उतारा जाए, लेकिन अब कांग्रेस मान रही है कि राजनीतिक दल होने के नाते उन्हें उम्मीदवार जरूर उतारना चाहिए चाहे पार्टी चुनाव हार जाए। अगर कांग्रेस को 4 से ज्यादा मत पड़ते हैं तो यह माना जाएगा कि भाजपा में क्रॉस वोटिंग हुई है। गुरबख्श रावत इससे पहले डिप्टी मेयर रह चुकी हैं।
मालूम हो कि भाजपा में इस समय मेयर के लिए आशा जसवाल के अलावा पूर्व मेयर राज बाला मलिक और हीरा नेगी उम्मीदवार हैं। आशा जसवाल को उम्मीदवार बनवाने के लिए भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन हाईकमान के सीनियर नेताओं में सहमति बना चुके हैं, लेकिन सांसद किरण खेर हीरा नेगी के लिए लाबिंग कर रही हैं। जबकि पूर्व मेयर राज बाला मलिक के लिए हरियाणा के कई मंत्री लाबिंग कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस का मानना है कि भाजपा में गुटबाजी पैदा होगी, जिसका फायदा कांग्रेस को होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि किस उम्मीदवार को मेयर का चुनाव लड़वाया जाएगा यह अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन जल्द तय कर लिया जाएगा।