चंडीगढ़। डेढ़ महीने पहले सोनू शाह हत्याकांड के दो गवाहों को गैंगस्टर मोंटी शाह ने गोली मारने की कोशिश की थी। मामले में यूटी पुलिस ने आरोपी पर पचास हजार रुपये का इनाम रखा, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस आरोपी मोंटी शाह को पकड़ने में नाकामयाब साबित हुई है। वारदात के बाद मोंटी के फेसबुक अकाउंट से पोस्ट भी अपडेट की गई थी। इसके आधार पर पुलिस वहां भी गई, लेकिन अबतक आरोपी का सुराग नहीं लग सका है।
वहीं मामले में अब क्राइम ब्रांच भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों समेत मोबाइल नंबर पर खास नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि डेढ़ महीने से टीम मोंटी के रिश्तेदारों के अलावा उसके करीबियों से कई बार पूछताछ कर चुकी है। आशंका है कि मोंटी ने शहर से बाहर कहीं अपना ठिकाना बनाया हुआ है। 20 अक्तूबर को सेक्टर-34 गुप्त सूचना पर मोंटी को दबोचने राजस्थान के हनुमानगढ़ पहुंची थी, लेकिन भनक लगते ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने मोंटी को पनाह देने वाले दो भाई परविंदर वाधवा, दीपक वाधवा समेत वीरेंद्र सोनी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी नहीं होने पर यूटी पुलिस ने मोंटी शाह पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
11 अक्तूबर को बुड़ैल स्थित दफ्तर में पहुंचकर किया था हमला
जानकारी के अनुसार 11 अक्तूबर की रात मोंटी शाह हाथों में दो पिस्टल लहराते हुए सोनू शाह के भाई प्रवीण शाह और तीरथ को जान से मारने की नीयत से बुड़ैल स्थित उनके दफ्तर पहुंचा था। वारदात दफ्तर के बाहर गली में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसके बाद से आरोपी फरार है।